- चेकिंग के दौरान बाइक सवार से 500 और 1000 रुपये के बंद नोटों की बड़ी खेप मिली; गाजियाबाद निवासी देवेंद्र गिरफ्तार, पुलिस खंगाल रही रकम का स्रोत और इसे रखने का मकसद, आयकर व वित्तीय जांच एजेंसियों को भी सूचना
भारत 19/ लखनऊ। नोटबंदी के करीब एक दशक बाद उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बंद हो चुके पुराने नोटों की इतनी बड़ी खेप मिलने से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। हापुड़ देहात पुलिस ने ततारपुर चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान बाइक सवार के कब्जे से करीब 1.43 करोड़ रुपये के पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बरामद किए हैं। पुलिस ने गाजियाबाद निवासी देवेंद्र को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है।
पेट्रोल पंप के पास चेकिंग में पकड़ा गया बाइक सवार
पुलिस के मुताबिक थाना हापुड़ देहात प्रभारी पारस मलिक की टीम ततारपुर चौकी क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और लोगों की जांच कर रही थी। इसी दौरान बाइक से आ रहे एक युवक को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस का कहना है कि युवक ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से बंद हो चुके 500 और 1000 रुपये के नोटों के बंडल बरामद हुए। गिनती और जांच के बाद इनकी कुल अंकित राशि करीब 1.43 करोड़ रुपये बताई गई।
नोटबंदी के बाद बंद हो चुके हैं ये नोट
बरामद रकम में 500 और 1000 रुपये के वे नोट शामिल हैं, जिन्हें नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद चलन से बाहर कर दिया गया था। करीब दस साल बाद इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित करेंसी मिलने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये नोट आरोपी तक कैसे पहुंचे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि देवेंद्र इतनी बड़ी मात्रा में पुराने नोट लेकर कहां जा रहा था और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
क्या पुराने नोट बदलने की थी तैयारी?
जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि बंद हो चुके नोटों की इतनी बड़ी रकम आखिर कहां ले जाई जा रही थी। पुलिस इस संभावना की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं इन नोटों को किसी तरीके से बदलवाने या खपाने की कोशिश तो नहीं की जा रही थी। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी संगठित गिरोह या रैकेट की पुष्टि नहीं की है। पुलिस आरोपी से रकम के स्रोत, उसके संपर्कों और नोटों के उद्देश्य के बारे में पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आयकर और वित्तीय एजेंसियों को दी गई सूचना
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आयकर विभाग और संबंधित वित्तीय जांच एजेंसियों को भी सूचना देने की बात कही है। अब जांच में यह देखा जाएगा कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित करेंसी के पीछे कोई पुराना लेनदेन, संग्रह या अन्य वित्तीय गतिविधि तो नहीं है।


