- प्रकाश पाल और गोपी कृष्ण पांडेय को BJP ने यूपी से बनाया प्रत्याशी; दोनों का कानपुर से जुड़ाव, सुरेंद्र मैथानी प्रस्तावकों में शामिल, पार्टी नेताओं ने क्षेत्र की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होने की उम्मीद जताई
भारत 19/ कानपुर। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए प्रकाश पाल और गोपी कृष्ण पांडेय को भाजपा का प्रत्याशी बनाए जाने से कानपुर के पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। दोनों नेताओं का कानपुर से जुड़ाव होने के कारण स्थानीय भाजपा नेता इसे शहर के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक साथ दो नेताओं के उच्च सदन पहुंचने से कानपुर और आसपास के क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का अवसर मिलेगा।
संगठन में लंबी सक्रियता का मिला लाभ
प्रकाश पाल वर्तमान में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में संगठन की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वहीं गोपी कृष्ण पांडेय भी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। दोनों नेताओं के चयन को स्थानीय कार्यकर्ता संगठन के प्रति लंबे समय से सक्रिय नेताओं को मिले सम्मान के तौर पर देख रहे हैं। प्रत्याशियों की घोषणा के बाद पार्टी के स्थानीय संगठन में भी इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल है।
सुरेंद्र मैथानी दोनों प्रत्याशियों के प्रस्तावक
गोविंदनगर विधायक और विधानसभा के सचेतक सुरेंद्र मैथानी दोनों प्रत्याशियों के प्रस्तावकों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कानपुर से जुड़े दो नेताओं के राज्यसभा में पहुंचने से औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र के स्तर पर मजबूती से उठाने का अवसर मिलेगा। मैथानी के मुताबिक, कानपुर की औद्योगिक पहचान और शहर से जुड़े विकास के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने में दोनों नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
कानपुर-बुंदेलखंड संगठन में बढ़ी ऊर्जा
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू और क्षेत्रीय मीडिया संयोजक अनूप अवस्थी ने दोनों प्रत्याशियों के चयन पर पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रकाश पाल और गोपी कृष्ण पांडेय के चयन से कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आई है। स्थानीय भाजपा संगठन में इसे लंबे समय से सक्रिय नेताओं को आगे बढ़ाने वाले फैसले के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि दोनों के राज्यसभा पहुंचने से कानपुर की स्थानीय समस्याओं और क्षेत्रीय हितों को राष्ट्रीय मंच पर रखने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
2027 से पहले कार्यकर्ताओं के मनोबल पर जोर
भाजपा नेताओं ने दोनों नेताओं के चयन को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन के कार्यकर्ताओं के मनोबल से भी जोड़ा है। उनका कहना है कि संगठन में सक्रिय नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से जमीनी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ता है। प्रदर्शन या औपचारिक आयोजन के बजाय इस बार कानपुर भाजपा में उत्साह का केंद्र पार्टी के दो नेताओं का राज्यसभा प्रत्याशी बनना है। स्थानीय स्तर पर इसे शहर और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जोड़कर देखा जा रहा है।


