- पाकिस्तान से तीन लोगों के भारतीय क्षेत्र में आने का भारत का दावा, दो की मौत; इस्लामाबाद ने मृतकों को निहत्थे नागरिक बताया, दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिक तलब किए
भारत 19 डेस्क। पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कथित घुसपैठ की कोशिश में दो लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है। भारत ने पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक प्रतिनिधि को तलब कर सीमा पार से घुसपैठ पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारतीय प्रभारी राजदूत को तलब किया और दोनों मृतकों को निहत्थे नागरिक बताते हुए BSF की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।
घुसपैठ करने वालों में दो बीएसएफ ने मार गिराए
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 2 अक्टूबर को तीन लोग पाकिस्तान की ओर से भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए और BSF की चेतावनियों के बावजूद सीमा बाड़ की ओर बढ़ते रहे। मंत्रालय के मुताबिक, उनकी गतिविधि से सुरक्षा खतरा पैदा हुआ, जिसके बाद BSF ने कार्रवाई की। तीन में से एक व्यक्ति वापस पाकिस्तान की ओर भाग गया, जबकि दो अन्य आगे बढ़े और मारे गए। नई दिल्ली ने घटना को सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ रोकने के लिए पाकिस्तान से कहा है।
पाकिस्तान ने कार्रवाई को बताया अनुचित
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारतीय Chargé d’Affaires को तलब कर दो पाकिस्तानी नागरिकों की मौत पर विरोध दर्ज कराया। इस्लामाबाद का दावा है कि दोनों निहत्थे नागरिक थे और भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने बिना उकसावे घातक बल का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान ने उन्हें घुसपैठिया बताए जाने को खारिज किया है। उसने घटना की तत्काल, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया
पाकिस्तान के विरोध के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान हाई कमीशन के Chargé d’Affaires को तलब किया। नई दिल्ली ने घटना को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को बेबुनियाद बताया। भारत ने पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान करने, द्विपक्षीय व्यवस्थाओं का पालन करने और अपनी सीमा से अनधिकृत आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा है।
भारत ने ड्रग नेटवर्क का मुद्दा भी उठाया
विदेश मंत्रालय ने घटना को पाकिस्तान से संचालित कथित सशस्त्र नारकोटिक्स नेटवर्क की गतिविधियों से भी जोड़ा है। भारत ने कहा है कि सीमा पार घुसपैठ और ड्रग तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर पाकिस्तान को प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। नई दिल्ली ने पाकिस्तान से ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति रोकने और अपनी सीमा से होने वाली अनधिकृत आवाजाही पर नियंत्रण मजबूत करने की मांग की है।
पंजाब सीमा को लेकर बढ़ा राजनयिक तनाव
फिरोजपुर सेक्टर से जुड़ी घटना ने भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा सुरक्षा को लेकर तनाव को फिर सामने ला दिया है। दोनों देशों के आधिकारिक दावे घटना को लेकर अलग-अलग हैं। भारत इसे घुसपैठ और सुरक्षा खतरे से जुड़ी कार्रवाई बता रहा है, जबकि पाकिस्तान इसे निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग का मामला बता रहा है। दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे के राजनयिक प्रतिनिधियों को तलब किए जाने के बाद मामला अब सीमा सुरक्षा से आगे राजनयिक स्तर पर भी पहुंच गया है।
अब सीमा सुरक्षा और जांच पर नजर
फिलहाल घटना को लेकर दोनों देशों के दावों में स्पष्ट अंतर है। भारत ने सीमा पार घुसपैठ रोकने पर जोर दिया है, जबकि पाकिस्तान ने BSF की कार्रवाई की जांच की मांग की है। आगे की स्थिति संबंधित जांच और पंजाब सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दोनों देशों के अगले कदमों से तय होगी।


