- बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात के बाद नदियों के प्राकृतिक डूब क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग; आवास, भोजन और राशन की व्यवस्था जल्द कराने पर भी जोर
भारत 19/ कानपुर। शहर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे गंगा समग्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह ने तत्काल राहत के साथ नदी क्षेत्रों की दीर्घकालिक सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। शनिवार को कानपुर प्रवास के दूसरे दिन उन्होंने पांडु नदी क्षेत्र, वरुण विहार और बर्रा-8 में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। स्थानीय अधिकारियों के साथ चर्चा में प्रभावित परिवारों के लिए आवास, भोजन और राशन की व्यवस्था जल्द कराने पर जोर दिया गया।
मुआयने के दौरान संगठन की ओर से नदियों के प्राकृतिक डूब क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग प्रमुखता से सामने आई। गंगा समग्र के राष्ट्रीय सहायक नदी प्रमुख राजेश कुमार ने कहा कि डूब क्षेत्र में अतिक्रमण बाढ़ के असर को बढ़ाने वाले कारणों में शामिल है। उनके मुताबिक नदी के प्राकृतिक क्षेत्र को सुरक्षित रखना बाढ़ की समस्या के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
बाढ़ प्रभावितों से जानी जमीनी स्थिति
अमरेंद्र सिंह ने वरुण विहार, बर्रा-8 और पांडु नदी क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत की। लोगों ने उन्हें अपनी समस्याओं और राहत से जुड़ी जरूरतों की जानकारी दी। इसके बाद स्थानीय अधिकारियों के साथ चर्चा कर प्रभावित परिवारों के लिए आवास, भोजन और राशन की व्यवस्था जल्द सुनिश्चित कराने पर जोर दिया गया। इस दौरान बाढ़ से प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों के साथ नदी क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई। संगठन ने राहत व्यवस्था के साथ ऐसी परिस्थितियों को दोहराने से रोकने के लिए नदी के प्राकृतिक डूब क्षेत्र को सुरक्षित रखने की आवश्यकता बताई।
जिलाधिकारी से प्रधानमंत्री तक कार्रवाई की मांग
राजेश कुमार ने कहा कि नदियों के डूब क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराना बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से डूब क्षेत्रों को स्वतंत्र कराने के लिए ठोस कार्रवाई का आग्रह किया। यह मांग ऐसे समय उठाई गई है जब पांडु नदी क्षेत्र समेत शहर के कुछ हिस्सों में बाढ़ का असर लोगों के जीवन और आवास पर पड़ा है। संगठन का जोर नदी के प्राकृतिक प्रवाह क्षेत्र को सुरक्षित रखने पर है, ताकि भविष्य में बाढ़ के दौरान नुकसान को कम किया जा सके।
बिठूर में दर्शन के बाद नदी संरक्षण पर बैठक
अमरेंद्र सिंह ने कानपुर प्रवास के दौरान बिठूर स्थित ब्रह्मावर्त और मां सीता-लवकुश आश्रम के दर्शन भी किए। इसके बाद गंगा समग्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कानपुर प्रांत में जैविक कृषि, वृक्षारोपण और पौधशाला से जुड़े कार्यों की भी सराहना की। संगठन की गतिविधियों में नदी संरक्षण के साथ पर्यावरण और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
पाठशाला में बच्चों से संवाद, नंदी गौशाला में गोसेवा
अमरेंद्र सिंह ने पनकी पांडु नदी क्षेत्र में केशव माधव पाठशाला का निरीक्षण किया। यहां बच्चों को मिष्ठान और अल्पाहार वितरित किया गया। दादानगर पुल के पास बच्चों ने स्ट्रीट लाइट पर बनाए गए चित्र भी दिखाए, जिसके बाद उन्हें बिस्किट वितरित किए गए। दौरे के दौरान नंदी गौशाला में गोसेवा भी की गई। इस तरह नदी संरक्षण के मुद्दे के साथ संगठन की सामाजिक गतिविधियों को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया।


