- पश्चिमी यूपी से इंडो-नेपाल सीमा तक एक साथ कार्रवाई, 10 जिलों में दबिश और आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्ध को हिरासत में लेकर 10-15 लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी, पहले गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट पर 150 से ज्यादा लोगों के संपर्क, सोशल मीडिया और वित्तीय गतिविधियां जांच के दायरे में
भारत 19/लखनऊ। पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क की जांच में उत्तर प्रदेश एटीएस ने शनिवार को कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत 15 जिलों में एक साथ छापेमारी की सूचना है। छापेमारी में आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई में पश्चिमी यूपी के साथ भारत-नेपाल सीमा से लगे जिलों को भी शामिल किया गया है। हालांकि एटीएस की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक ब्योरा नहीं आया है।
पहले पकड़े गए आरोपियों से मिला सुराग
ताजा छापेमारी के पीछे पहले की जांच से मिले इनपुट को अहम माना जा रहा है। यूपी एटीएस ने पिछले चार महीनों में इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में 52 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आए संपर्कों के आधार पर जांच अब उन लोगों तक पहुंच रही है, जिनकी भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है। यानी एटीएस का मौजूदा अभियान सिर्फ पहले से नामजद लोगों की तलाश तक सीमित नहीं है। एजेंसी संपर्कों की कड़ियां जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि कौन व्यक्ति महज संपर्क में था और किसकी भूमिका कथित नेटवर्क में इससे आगे रही।
पश्चिमी यूपी से सीमा क्षेत्र तक टीमें
ताजा कार्रवाई में पश्चिमी यूपी के मेरठ, अलीगढ़, बिजनौर, गाजियाबाद, हापुड़ और सहारनपुर समेत कई इलाकों का उल्लेख रिपोर्टों में किया गया है। लखनऊ और भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सीतापुर, बहराइच और श्रावस्ती समेत 10 जिलों में टीमों के पहुंचने की जानकारी है। सूत्रों के मुताबिक छापेमारी में करीब 55 एटीएस टीमें लगी हैं। इससे संकेत मिलता है कि जांच का फोकस केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं है।
150 से ज्यादा लोगों के संपर्क जांच में
एटीएस को जांच के दौरान 150 से अधिक लोगों के संपर्कों की जानकारी मिलने की रिपोर्ट है। इन लोगों की सोशल मीडिया गतिविधियों, चैट और दूसरे डिजिटल संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। कुछ मामलों में बैंकिंग लेनदेन की भी जांच की जा रही है। जांच का अहम हिस्सा यह तय करना है कि संदिग्धों के बीच संपर्क किस प्रकृति का था। केवल किसी आरोपी के संपर्क में होना अपने आप में आतंकी गतिविधि में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है, आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
अगस्त में यूपी से 62 लोग हिरासत में लिए गए थे
शहजाद भट्टी नेटवर्क की जांच का दायरा अगस्त में हुई बहु-राज्यीय कार्रवाई के बाद तेजी से बढ़ा था। गृह मंत्रालय ने 17 अगस्त को बताया था कि 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें उत्तर प्रदेश से 62 लोग शामिल थे। केंद्र के अनुसार उस समय नेटवर्क से जुड़े मामलों में 80 से अधिक एफआईआर और 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां दर्ज हो चुकी थीं। गृह मंत्रालय ने उस अभियान में आईईडी, ग्रेनेड, हथियार और निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सीसीटीवी उपकरणों की बरामदगी का भी उल्लेख किया था।
अब डिजिटल नेटवर्क की पड़ताल
ताजा अभियान में तलाशी के दौरान मिले मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोशल मीडिया संपर्कों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क था या नहीं और कथित तौर पर स्थानीय स्तर पर किस तरह के संपर्क बनाए गए है। महाराष्ट्र एटीएस की पहले की जांच में भी पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा सोशल मीडिया के जरिये भारतीय युवाओं से संपर्क और उन्हें छोटे-छोटे काम देकर आगे जोड़ने के आरोप सामने आए थे। यह अलग राज्य की जांच है, इसलिए इसे यूपी के प्रत्येक संदिग्ध पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।
भट्टी नेटवर्क पर केंद्र का भी बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने सितंबर में शहजाद भट्टी नेटवर्क को यूएपीए के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया था। सरकारी कार्रवाई और पहले के बहु-राज्यीय अभियान के बाद अलग-अलग राज्यों की एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े कथित स्थानीय संपर्कों की जांच आगे बढ़ा रही हैं। उत्तर प्रदेश में शनिवार की कार्रवाई इसी जांच का नया चरण है। फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या और उनकी व्यक्तिगत भूमिका पर एटीएस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।


