- शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद केली कुंज में दीक्षा और टोकन दर्शन अनिश्चितकाल के लिए बंद, यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन भी रोके गए
भारत 19
मथुरा। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के बाद उनके आश्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। केली कुंज में दीक्षा कार्यक्रम को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इसके साथ ही टोकन के जरिए होने वाले दर्शन भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। वहीं, यमुना विहार कुंज बेलवन में दीक्षित भक्तों के दर्शन की व्यवस्था भी रोक दी गई है। आश्रम के सेवादारों ने माइक के जरिए श्रद्धालुओं को बदली हुई व्यवस्था की जानकारी दी।
केली कुंज व बेलवन में दीक्षा और टोकन दर्शन पर रोक
केली कुंज में दीक्षा लेने की प्रक्रिया फिलहाल बंद है। आश्रम की ओर से दोबारा दीक्षा शुरू करने की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। इसी तरह टोकन के जरिए दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को भी फिलहाल यह सुविधा नहीं मिलेगी। यमुना विहार कुंज बेलवन में भी दीक्षित भक्तों के दर्शन की व्यवस्था भी रोक दी गई है। नए साधकों की दीक्षा, टोकन दर्शन और दीक्षित भक्तों के लिए निर्धारित दर्शन, तीनों व्यवस्थाएं फिलहाल प्रभावित हैं।
शिष्य की मौत के बाद बदलीं आश्रम की व्यवस्थाएं
रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई थी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद आश्रम से जुड़े नियमों में अन्य बदलावों की जानकारी भी सामने आई है। आश्रम प्रबंधन की ओर से शिष्यों की वेशभूषा को लेकर नए निर्देश जारी किए गए हैं। गृहस्थ और व्यवसाय से जुड़े शिष्यों के लिए सामान्य वस्त्र या कुर्ता-पायजामा पहनने और सफेद वस्त्र को सेवा और आश्रम की व्यवस्था से जुड़े लोगों तक सीमित करने की बात कही गई है।
भक्तों को नई व्यवस्था के साथ पहुंचना होगा
फिलहाल आश्रम की नई व्यवस्थाओं के कारण दीक्षा लेने और टोकन के जरिए दर्शन करने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को इंतजार करना होगा। यमुना विहार कुंज बेलवान में दीक्षित भक्तों के दर्शन भी फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं। दीक्षा, टोकन दर्शन और अन्य व्यवस्थाएं दोबारा कब शुरू होंगी, इसकी स्पष्ट तारीख अभी सामने नहीं आई है।


