- कुनार और हेलमंद में तीन घर तबाह होने का दावा, महिलाओं और बच्चों समेत नौ लोगों की मौत और 11 घायल; पाकिस्तान ने 22 आतंकियों को मारने का दावा किया, स्वतंत्र पुष्टि नहीं
भारत 19 डेस्क
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब तीन महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। गुरुवार को पाकिस्तानी विमानों की अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में एयरस्ट्राइक की खबर सामने आई। अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के मुताबिक, हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत नौ लोगों की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए। उनके अनुसार हमलों में तीन घर भी नष्ट हुए हैं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कुनार और हेलमंद में हमलों का दावा
अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक, पाकिस्तानी विमानों ने कुनार और हेलमंद में ठिकानों को निशाना बनाया। मुजाहिद ने हमलों की निंदा करते हुए इसे अफगान क्षेत्र के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई बताया। उनके अनुसार मारे गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हमलों में तीन मकानों के नष्ट होने की भी जानकारी दी गई है। अफगान पक्ष के इस दावे के विपरीत पाकिस्तान ने हमले को आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बताया है। पाकिस्तानी सरकार के एक प्रवक्ता के अनुसार एयरस्ट्राइक में 22 आतंकवादी मारे गए, जबकि हथियार और गोला-बारूद भी नष्ट किया गया।
तीन महीने बाद फिर बढ़ा सीमा तनाव
ताजा एयरस्ट्राइक ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच करीब तीन महीने तक अपेक्षाकृत शांति रही थी। दोनों देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण पाकिस्तान की यह शिकायत है कि अफगानिस्तान की जमीन से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े लड़ाके पाकिस्तान में हमले करते हैं। काबुल इन आरोपों को खारिज करता रहा है और कहता है कि पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा समस्याओं के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। सितंबर में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में एयरस्ट्राइक की थी। उस समय अफगान तालिबान ने तीन नागरिकों के मारे जाने की बात कही थी, जबकि पाकिस्तान ने 28 आतंकियों को मारने का दावा किया था। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने उस हमले में तीन नागरिकों की मौत की पुष्टि की थी।
पाकिस्तान और तालिबान के दावे अलग-अलग
पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन उसकी सीमा के भीतर हमलों को अंजाम दे रहे हैं। इस्लामाबाद विशेष रूप से TTP को लेकर अफगान तालिबान पर कार्रवाई करने का दबाव डालता रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान क्षेत्र में इन संगठनों को सुरक्षित ठिकाने मिल रहे हैं। अफगान तालिबान इन आरोपों को लगातार खारिज करता है। उसका कहना है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाता। दोनों पक्षों के बीच इसी मुद्दे पर सीमा पर सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों का सिलसिला कई बार तेज हो चुका है।
हवाई हमलों से बढ़ी क्षेत्रीय चिंता
पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध पिछले कुछ समय में तेजी से खराब हुए हैं। रॉयटर्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर तनाव बढ़ने के पीछे सीमा पार आतंकवाद, TTP की गतिविधियां और एक-दूसरे पर लगाए जा रहे सुरक्षा संबंधी आरोप प्रमुख कारण हैं। मार्च में चीन की मध्यस्थता से संघर्षविराम की कोशिश हुई थी, जबकि बाद में कतर और तुर्किये ने भी तनाव कम करने के प्रयास किए। इससे पहले 2025 में भी पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद अफगान तालिबान और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच सीमा पर कई दिनों तक संघर्ष हुआ था। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, ऐसे संघर्षों में अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित हुए हैं।
एयरस्ट्राइक के बाद जवाबी कार्रवाई का खतरा
ताजा हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। अफगान तालिबान पहले भी पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देता रहा है। सितंबर में कुनार और पक्तिका पर हमलों के बाद भी तालिबान प्रवक्ता ने पाकिस्तान को जवाब देने की बात कही थी। फिलहाल सबसे अहम तथ्य यह है कि अफगान पक्ष नौ नागरिकों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की बात कह रहा है, जबकि पाकिस्तान 22 आतंकियों के मारे जाने का दावा कर रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए हमले में मारे गए लोगों की पहचान और सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान समेत अन्य विवरणों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और स्वतंत्र पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा।


