- मेडिकल मोबाइल वैन से ईसीजी, यूरिन, सीवीसी और नेत्र जांच; बच्चों के पोषण का आकलन, बुजुर्गों को व्यायाम और बचाव के तरीके बताए
भारत 19
कानपुर देहात। गांव में ही कई जरूरी स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलने से मलिकपुर के ग्रामीणों को राहत मिली। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज और उन्नत भारत अभियान की ओर से मंगलवार को ब्लॉक मैथा के मलिकपुर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। प्राथमिक विद्यालय में आयोजित शिविर में मेडिकल मोबाइल वैन के जरिए बुजुर्गों, महिलाओं सहित 80 से अधिक ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के बाद ग्रामीणों को बीमारी से बचाव, उपचार और बेहतर जीवनशैली से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी गई।
ईसीजी, यूरिन और नेत्र जांच की सुविधा
शिविर में सीवीसी, यूरिन जांच, ईसीजी, रक्तचाप और नेत्र परीक्षण के साथ फिजियोथेरेपी और पोषण मूल्यांकन किया गया। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का वजन और लंबाई मापकर उनके पोषण स्तर का आकलन किया गया। जांच के दौरान सामने आई स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के आधार पर लोगों को सावधानियां बरतने और जीवनशैली में जरूरी बदलाव की सलाह दी गई। शिविर का उद्देश्य गांव में शुरुआती स्तर पर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करने के साथ ग्रामीणों को बीमारियों के प्रति जागरूक करना भी रहा।
बुजुर्गों की जांच के साथ व्यायाम की सलाह
स्वास्थ्य शिविर में बुजुर्गों का शारीरिक परीक्षण और रक्तचाप की जांच की गई। उन्हें उम्र बढ़ने के साथ होने वाले शारीरिक बदलावों और उनसे जुड़ी परेशानियों से बचाव के तरीके बताए गए। फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को नियमित रूप से सक्रिय रहने और उम्र के अनुसार उचित व्यायाम करने की जानकारी दी। जरूरत के अनुसार उपचार संबंधी सुझाव भी दिए गए।
बच्चों की आंखें जांचीं, चश्मे की पावर तय
शिविर में बच्चों और बुजुर्गों की विशेष नेत्र जांच की गई। निकट और दूर की दृष्टि का परीक्षण करने के साथ जरूरत वाले लोगों के लिए चश्मे की पावर निर्धारित की गई। बच्चों में वर्णान्धता की भी जांच की गई। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को बताया कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों का असर आंखों पर भी पड़ सकता है। इसलिए नियमित नेत्र जांच और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया गया।
गांव में पहुंची मोबाइल वैन, जांच के लिए नहीं जाना पड़ा
मेडिकल मोबाइल वैन के गांव तक पहुंचने से ग्रामीणों को कई जरूरी जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र जाने की जरूरत नहीं पड़ी। एक ही स्थान पर अलग-अलग स्वास्थ्य जांच होने से ग्रामीणों का समय और संसाधन बचा। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह सुविधा खास तौर पर उपयोगी रही। स्वास्थ्य टीम ने जांच के साथ लोगों को उनकी दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी।
विश्वविद्यालय की टीम ने संभाली शिविर की जिम्मेदारी
शिविर का संचालन संस्थान के निदेशक प्रो. मुनीश रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया। आयोजन में प्राथमिक विद्यालय मलिकपुर की सहायक अध्यापिका सुश्मिता मिश्रा, ग्राम प्रधान सोनी मिश्रा, सहायक अध्यापक डॉ. प्रशांत, डॉ. मनजीत, शिवम, डॉ. मोहित, डॉ. अनुराग मिश्रा और डॉ. स्वाती अग्रवाल का सहयोग रहा।

