- 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद खत्म किया सस्पेंस; वीडियो में किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ने की बात, नागरिकों के साथ मिलकर स्वतंत्र मंच के जरिए आम लोगों के मुद्दे उठाने का ऐलान
भारत 19
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में प्रवेश का ऐलान कर दिया है। 29 सितंबर को जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी और नागरिकों के साथ मिलकर स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करेंगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए यहीं से राजनीतिक यात्रा शुरू करने की बात कही। मित्तल ने कहा कि उनकी राजनीतिक पहल का केंद्र आम लोगों के सवाल और उनकी समस्याएं होंगी। उन्होंने प्रशासनिक सेवा के दौरान सामने आए अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि कई बार नियम और सरकारी व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद लोगों को समाधान के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उनका कहना है कि वह राजनीति के जरिए ऐसे मुद्दों को उठाना चाहती हैं।
किसी दल में शामिल होने से किया इनकार
दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो संदेश में किसी मौजूदा राजनीतिक दल के साथ जुड़ने की घोषणा नहीं की। इसके बजाय उन्होंने नागरिकों के साथ मिलकर राजनीतिक मंच तैयार करने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलाव के लिए किसी एक व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाय लोगों को खुद पहल करनी चाहिए। उनकी सार्वजनिक घोषणा के मुताबिक इस पहल का स्वरूप और आगे की दिशा लोगों के साथ मिलकर तय की जाएगी।
जनता के मुद्दों पर फोकस की बात
अपने वीडियो में मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के दौरान सामने आए कुछ मामलों का जिक्र किया। इनमें ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा, सरकारी जमीन से जुड़े मामले और युवाओं से जुड़े सवाल शामिल हैं। उन्होंने मिर्जापुर के लहुरियादह गांव में पानी की व्यवस्था और स्कूल से संबंधित एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और युवाओं के रोजगार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावित असर जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार सार्वजनिक जीवन में इन विषयों पर व्यापक चर्चा की जरूरत है।
13 साल की IAS सेवा के बाद इस्तीफा
दिव्या मित्तल 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनका इस्तीफा 15 सितंबर से प्रभावी हुआ। इस्तीफे के समय उन्होंने अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों तथा आगे की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया था। इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। 27 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 29 सितंबर को अपने भविष्य की दिशा बताने की जानकारी दी थी। अब वीडियो के जरिए उन्होंने राजनीति में जाने की पुष्टि कर दी है।
मिर्जापुर से देवरिया तक संभाली प्रशासनिक जिम्मेदारी
आईएएस के रूप में दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों और विभागों में जिम्मेदारियां संभालीं। वह मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। संत कबीर नगर में भी उन्होंने जिलाधिकारी के रूप में काम किया। इसके अलावा उनके करियर में मेरठ, गोंडा, कानपुर नगर और बरेली समेत कई स्थानों पर तैनाती रही। मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए लहुरियादह जैसे दूरस्थ गांव में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की पहल के कारण उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आया था।
यूपी से ही शुरू होगी राजनीतिक पारी
मित्तल ने स्पष्ट किया है कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत उत्तर प्रदेश से होगी। उन्होंने राज्य को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि यहां काम करने के दौरान उनका लोगों से गहरा जुड़ाव बना। हालांकि, उन्होंने अभी किसी विधानसभा सीट, निर्वाचन क्षेत्र या आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की है। इसी तरह उनके प्रस्तावित स्वतंत्र मंच का नाम, संगठनात्मक ढांचा और चुनावी रणनीति भी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अब आगे की दिशा पर रहेगी नजर
राजनीति में प्रवेश की घोषणा के बाद अगला महत्वपूर्ण सवाल उनके स्वतंत्र राजनीतिक मंच के स्वरूप और उसकी गतिविधियों को लेकर होगा। फिलहाल उनकी सार्वजनिक घोषणा में तीन बातें स्पष्ट हैं—उत्तर प्रदेश से शुरुआत, किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होना और नागरिकों के साथ मिलकर जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करना। उनकी राजनीतिक भूमिका चुनावी होगी या व्यापक नागरिक मंच के रूप में आगे बढ़ेगी, यह आने वाले समय में उनकी अगली घोषणाओं से स्पष्ट होगा।


