- दुर्गापूजा प्रीव्यू शो और पास बिक्री मामले में कोलकाता के 10 ठिकानों पर तलाशी, Mass Art की वित्तीय गतिविधियों, टिकट-पास से जुटाई रकम और कथित मनी ट्रेल की जांच, ₹50-60 करोड़ का लेनदेन!
भारत 19 डेस्क
कोलकाता में टीएमसी के पूर्व मंत्री और नेता इंद्रनील सेन के घर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रेड की। दुर्गापूजा प्रीव्यू शो और पास बिक्री से जुड़े मामले में ईडी ने कोलकाता में सेन से जुड़े परिसरों समेत 10 ठिकानों पर तलाशी ली। जांच का फोकस Mass Art की गतिविधियों, टिकट-पास से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित मनी ट्रेल पर है। मामला Mahanirban Road Mass Art Society (Mass Art) की ओर से आयोजित दुर्गापूजा प्रीव्यू शो और उससे जुड़े टिकट-पास की बिक्री की शिकायत से जुड़ा है। जून 2026 में कोलकाता पुलिस ने इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन और Mass Art से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
दुर्गापूजा पास बिक्री से शुरू हुई पूरी जांच
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार Mass Art ने दुर्गापूजा के चुनिंदा पंडालों के प्रीव्यू के लिए टिकट और विशेष पास उपलब्ध कराए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इन गतिविधियों के प्रचार में यूनेस्को से जुड़े होने का दावा किया गया और लोगों से प्रीव्यू शो के लिए रकम ली गई। शिकायत में 24 दुर्गापूजा पंडालों के प्रीव्यू और करीब ₹4,000 तक के टिकट का उल्लेख किया गया था। हालांकि, ये शिकायत में लगाए गए आरोप हैं और इन्हें जांच में सिद्ध तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।
यूनेस्को और Mass Art कनेक्शन क्यों अहम है
मामले का यूनेस्को कनेक्शन इस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यूनेस्को के आधिकारिक रिकॉर्ड में “Preview Show of Durga Puja Art – Kolkata” कार्यक्रम दर्ज है और 2023 के इस कार्यक्रम के आयोजक के तौर पर Mass Art का उल्लेख मिलता है। यूनेस्को के रिकॉर्ड के मुताबिक कार्यक्रम दुर्गापूजा की कला और पंडालों के प्रीव्यू से संबंधित था। इसके अलावा यूनेस्को की एक अन्य सामग्री में Mass Art को दुर्गापूजा से जुड़े एक कार्यक्रम के लिए on-ground partner के रूप में भी संदर्भित किया गया है। मौजूदा विवाद को सिर्फ इस आधार पर नहीं देखा जा सकता कि Mass Art का यूनेस्को से कोई संबंध था या नहीं। जांच का अहम पहलू यह है कि उस साझेदारी या संबंध का इस्तेमाल टिकट-पास की बिक्री और प्रचार में किस तरह किया गया तथा उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन क्या थे।
₹50-60 करोड़ के कथित लेनदेन की जांच
ईडी की कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू कथित मनी ट्रेल है। ताजा रिपोर्टों में ईडी सूत्रों के हवाले से ₹50 से ₹60 करोड़ तक के लेनदेन या रकम जुटाए जाने का दावा सामने आया है। एजेंसी कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रीव्यू शो, टिकट और डोनर पास से कितनी रकम प्राप्त हुई, पैसा किन बैंक खातों में गया और उसके बाद उसका इस्तेमाल या ट्रांसफर किस तरह हुआ। हालांकि, ₹50-60 करोड़ का आंकड़ा फिलहाल ईडी सूत्रों के हवाले से सामने आया है। इसे अदालत द्वारा प्रमाणित रकम या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी अंतिम रूप से साबित रकम के तौर पर नहीं लिखा जाना चाहिए।
24 पंडालों के प्रीव्यू पर क्यों उठा विवाद
शिकायत में Mass Art की ओर से आयोजित प्रीव्यू शो के तहत कोलकाता के 24 दुर्गापूजा पंडालों तक विशेष प्रवेश की व्यवस्था का उल्लेख किया गया था। दूसरी ओर, यूनेस्को के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी Mass Art के 2023 Preview Show का उल्लेख मिलता है। ऐसे में जांच का केंद्र केवल यह नहीं है कि प्रीव्यू कार्यक्रम हुआ या नहीं, बल्कि यह भी है कि पास और टिकट किस व्यवस्था के तहत बेचे गए, उनसे कितनी रकम जुटाई गई और उस रकम का वित्तीय इस्तेमाल कैसे हुआ। यही पहलू ईडी की मौजूदा वित्तीय जांच को महत्वपूर्ण बनाता है।
जून में दर्ज हुई थी इंद्रनील सेन पर FIR
मामले में जून 2026 में पुलिस शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन और Mass Art से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे। शिकायत में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश सहित कई आरोप लगाए गए थे। इसके बाद मामला कलकत्ता हाईकोर्ट तक भी पहुंचा और आरोपित पक्ष की ओर से कानूनी राहत की मांग की गई।
इंद्रनील सेन ने आरोपों से किया था इनकार
इंद्रनील सेन पहले इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं। उनका कहना था कि Mass Art से उनका प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और उनकी पत्नी संस्था से जुड़ी हैं। Mass Art की ओर से भी शिकायत में लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया था। इसलिए ईडी की मौजूदा कार्रवाई को जांच की कार्रवाई के रूप में ही प्रस्तुत करना जरूरी है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य वित्तीय सामग्री की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक वित्तीय तस्वीर स्पष्ट होगी।
वित्तीय लेनदेन और मनी ट्रेल
जांच में प्रीव्यू शो और पास बिक्री से हुई आय, टिकट और डोनर पास के भुगतान रिकॉर्ड, Mass Art और उससे जुड़े लोगों के बैंक खातों व आपसी लेनदेन की पड़ताल अहम होगी। एजेंसी ₹50-60 करोड़ के कथित आंकड़े के आधार, रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल या ट्रांसफर की भी जांच कर सकती है। साथ ही यूनेस्को और Mass Art के बीच आधिकारिक संबंध का वास्तविक दायरा तथा इस संबंध को टिकट-पास की बिक्री में किस रूप में प्रस्तुत किया गया, यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है। यदि किसी लेनदेन में अपराध की आय का पहलू सामने आता है तो ईडी उसके मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत संबंधों की भी पड़ताल करेगी।
विवाद की पृष्ठभूमि भी है अहम
2021 में कोलकाता की दुर्गापूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया था। इसके बाद Mass Art से जुड़े दुर्गापूजा प्रीव्यू कार्यक्रम सामने आए और यूनेस्को के आधिकारिक रिकॉर्ड में 2023 के Preview Show के आयोजक के तौर पर Mass Art का उल्लेख दर्ज है। जून 2026 में इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी और Mass Art से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस शिकायत और एफआईआर हुई और अब सितंबर 2026 में ईडी ने कोलकाता के 10 ठिकानों पर तलाशी ली है।


