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प्लेट से पैकेज तक बदली फूड इंडस्ट्री की तस्वीर

  • इंडिया फूड एक्सपो-2026 में आठ राज्यों से पहुंचे करीब 20 हजार आगंतुक और उद्यमी; फूड प्रोसेसिंग, स्मार्ट पैकेजिंग, ऑटोमेशन, कोल्ड चेन, फूड सेफ्टी और ‘लोकल टू ग्लोबल’ पर रहा जोर, समापन समारोह में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की शिरकत

भारत 19

विक्सन सिकरोड़िया, लखनऊ। खाने की दुनिया अब सिर्फ स्वाद, खुशबू और पारंपरिक रेसिपी तक सीमित नहीं रह गई है। किसी खाद्य उत्पाद की सफलता में अब उसकी प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, शेल्फ लाइफ, फूड सेफ्टी, ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया फूड एक्सपो-2026 ने खाद्य उद्योग में आए इसी बदलाव की तस्वीर सामने रखी। खेत से उपभोक्ता की प्लेट तक पहुंचने वाली पूरी खाद्य श्रृंखला में तकनीक और कारोबार की बढ़ती भूमिका एक्सपो में साफ दिखाई दी। समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि रहे।

रसोई से आगे बढ़ा फूड इंडस्ट्री का कारोबार

इंडिया फूड एक्सपो में फूड प्रोसेसिंग, आधुनिक मशीनरी, पैकेजिंग, ऑटोमेशन, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े क्षेत्र एक ही मंच पर दिखाई दिए। इससे खाद्य उद्योग के बदलते स्वरूप की तस्वीर सामने आई। अब किसी उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने के लिए केवल अच्छा स्वाद पर्याप्त नहीं है। उत्पादन की गुणवत्ता, सुरक्षित प्रोसेसिंग, आकर्षक पैकेजिंग, लंबी शेल्फ लाइफ और बाजार की मांग के मुताबिक ब्रांडिंग भी कारोबार का अहम हिस्सा बन चुकी है। पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय खाद्य उत्पाद भी इसी बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। आधुनिक उत्पादन तकनीक और संगठित बाजार के जरिए स्थानीय स्वाद को बड़े कारोबारी बाजार से जोड़ने की कोशिश तेज हो रही है।

20 हजार आगंतुकों ने देखी फूड इंडस्ट्री की नई तस्वीर

तीन दिन चले इस आयोजन में आठ राज्यों से करीब 20 हजार आगंतुकों और उद्यमियों की मौजूदगी रही। बारिश और मौसम की चुनौतियों के बावजूद खाद्य क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों की भागीदारी ने इस सेक्टर में बढ़ती कारोबारी दिलचस्पी को रेखांकित किया। एक्सपो में नए उत्पादों और तकनीकों के प्रदर्शन के साथ उद्यमियों के बीच कारोबारी संपर्क और संभावित बाजार की तलाश भी दिखाई दी। इससे यह संकेत मिला कि उपभोक्ताओं की बदलती पसंद अब खाद्य उद्योग की उत्पादन और मार्केटिंग रणनीति को भी प्रभावित कर रही है।

घर के स्वाद को ग्लोबल पैकेज देने की तैयारी

एक्सपो में ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा पर विशेष जोर रहा। स्थानीय कृषि और खाद्य उत्पादों को वैल्यू एडिशन, आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार संपर्क के जरिए बड़े बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने स्थानीय उत्पादों को आधुनिक कारोबारी स्वरूप देने पर जोर दिया। उनका फोकस इस बात पर रहा कि स्थानीय उत्पाद केवल क्षेत्रीय पहचान तक सीमित न रहें, बल्कि बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के जरिए राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना सकें।

स्वाद के साथ सुरक्षा भी बनी कारोबार की शर्त

खाद्य उद्योग के विस्तार के साथ फूड सेफ्टी की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। एक्सपो में FSSAI के फूड सेफ्टी प्रशिक्षण यानी FoSTaC से जुड़े कार्यक्रम में करीब 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इससे खाद्य कारोबार में बदलती प्राथमिकताओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। उत्पाद का स्वाद और प्रस्तुति महत्वपूर्ण हैं, लेकिन सुरक्षित उत्पादन, स्वच्छता, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन भी बाजार में उसकी स्वीकार्यता के लिए जरूरी होता जा रहा है।

स्मार्ट पैकेजिंग और ऑटोमेशन से बदला कारोबार

एक्सपो में आधुनिक मशीनरी और ऑटोमेशन ने भी ध्यान खींचा। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में तकनीक का इस्तेमाल उत्पादन क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता बनाए रखने और प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में बढ़ रहा है। स्मार्ट पैकेजिंग भी इसी बदलाव का हिस्सा है। पैकेज अब केवल उत्पाद को रखने और सुरक्षित रखने का माध्यम नहीं रह गया है। उसकी डिजाइन, जानकारी, ब्रांड पहचान और शेल्फ लाइफ बाजार में उत्पाद की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

सोलर और ऊर्जा दक्षता पर भी दिखा जोर

फूड प्रोसेसिंग उद्योग में मशीनरी, कोल्ड स्टोरेज और अन्य उपकरणों के कारण ऊर्जा की खपत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सोलर और ऊर्जा दक्ष तकनीक को खाद्य कारोबार से जोड़ने पर भी जोर दिखाई दिया। ऊर्जा की लागत कम करना, उत्पादन को अधिक दक्ष बनाना और टिकाऊ कारोबारी मॉडल तैयार करना आने वाले समय में खाद्य उद्योग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती और अवसर दोनों हो सकते हैं।

लखनऊ से दिखा लोकल से ग्लोबल कारोबार का रास्ता

इंडिया फूड एक्सपो का एक बड़ा संदेश स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने को लेकर रहा। उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य में फल, सब्जियां, अनाज, दुग्ध उत्पाद और पारंपरिक खाद्य सामग्री के प्रसंस्करण से स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन की संभावनाएं बढ़ती हैं। यहीं से कच्चे कृषि उत्पाद से तैयार ब्रांडेड फूड प्रोडक्ट तक का सफर शुरू होता है। इससे किसानों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, पैकेजिंग उद्योग, लॉजिस्टिक्स और खुदरा बाजार के बीच जुड़ाव बढ़ सकता है।

समापन समारोह में उद्योग जगत का जमावड़ा

समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट आलोक अग्रवाल, जनरल सेक्रेटरी दीपक कुमार बजाज, नेशनल ट्रेजरर अवधेश कुमार अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट चेतन देव भल्ला, एक्सपो कमेटी के चेयरमैन विकास खन्ना, इंडिया फूड एक्सपो के को-चेयरमैन एवं लखनऊ चैप्टर चेयरमैन वैभव अग्रवाल समेत उद्योग जगत से जुड़े कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। वूमेन एंटरप्रेन्योर सेल की चेयरपर्सन आनंदी अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट सूर्य प्रकाश हवेलिया और नेशनल सेक्रेटरी राजीव बंसल समेत कई उद्यमियों ने भी आयोजन में भागीदारी की।

अब स्वाद से आगे पूरी वैल्यू चेन पर जोर

इंडिया फूड एक्सपो-2026 से खाद्य उद्योग की जो तस्वीर सामने आई, उसमें प्लेट और पैकेज के बीच की पूरी वैल्यू चेन महत्वपूर्ण नजर आई। खेत से निकलने वाले उत्पाद की प्रोसेसिंग, फूड सेफ्टी, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, ऊर्जा दक्षता, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स से लेकर राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचने की प्रक्रिया अब खाद्य कारोबार का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

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