- पुतिन से 45 मिनट की बातचीत में ऊर्जा, रक्षा और वैश्विक संघर्षों पर चर्चा; रूस के अगले शिखर सम्मेलन का न्योता मिला, पेज़ेश्कियान के साथ पश्चिम एशिया और द्विपक्षीय सहयोग पर फोकस
भारत 19
नई दिल्ली। दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन शुरू होने से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के साथ अहम द्विपक्षीय बातचीत कर भारत की कूटनीतिक सक्रियता का संकेत दिया। पुतिन के साथ करीब 45 मिनट चली बातचीत में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और पश्चिम एशिया व काला सागर क्षेत्र के संघर्षों पर चर्चा हुई, जबकि पेज़ेश्कियान के साथ बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत-ईरान संबंधों पर नजर रही।

पुतिन के साथ रिश्तों की नई प्राथमिकताओं पर बात
मोदी और पुतिन ने भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। बातचीत में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, अंतरिक्ष, तकनीक और आर्थिक सहयोग प्रमुख मुद्दे रहे। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संघर्षों से समुद्री व्यापार तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ रहे असर पर भी विचार किया। मोदी ने संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाने की भारत की नीति दोहराई। बैठक का एक अहम पहलू यह रहा कि पुतिन ने मोदी को अगले भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई। भारत-रूस व्यापार को 2030 तक करीब 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य भी दोनों देशों के आर्थिक एजेंडे में अहम है। पुतिन से मुलाकात के बाद मोदी और रूसी राष्ट्रपति ने INNOPROM India औद्योगिक प्रदर्शनी का दौरा किया। मोदी ने पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भी भेंट किया। दोनों नेता प्रदर्शनी स्थल तक एक ही कार में पहुंचे।

पेज़ेश्कियान के साथ पश्चिम एशिया पर नजर
ईरान के राष्ट्रपति मसूदपेज़ेश्कियान ने BRICS सम्मेलन के लिए दिल्ली पहुंचकर मोदी से मुलाकात की। यह उनकी राष्ट्रपति बनने के बाद पहली भारत यात्रा है और आठ साल से अधिक समय बाद किसी ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा हुई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दोनों नेताओं की बातचीत का महत्व बढ़ गया है। मोदी और पेज़ेश्कियान की इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। उस बैठक में भी पश्चिम एशिया के संघर्ष, तनाव कम करने, संवाद और समुद्री आवागमन की सुरक्षा पर चर्चा हुई थी।
BRICS बिजनेस फोरम में व्यापार और सुरक्षित मार्गों पर जोर
BRICS बिजनेस फोरम में मोदी ने आर्थिक सहयोग, सुरक्षित व्यापार मार्गों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। BRICS के 11 सदस्य देश दुनिया की करीब आधी आबादी, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से ज्यादा वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और आर्थिक सहयोग मजबूत करने का मुद्दा भी फोरम में प्रमुख रहा।
अब मोदी-शी मुलाकात पर दुनिया की नजर
BRICS का मुख्य शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को होगा। शनिवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मोदी की संभावित मुलाकात पर विशेष नजर है। LAC, व्यापार और भारत-चीन संबंध इस बातचीत के प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं। BRICS के विस्तार के बाद समूह में आर्थिक सहयोग के साथ भू-राजनीतिक मतभेदों को साधना भी भारत के सामने बड़ी चुनौती है।


