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CSJMU में AI का महामंथन, दिखेगा भविष्य का रास्ता

  • 12-13 सितंबर को AI मंथन 2.0 में 14 नवाचारों का प्रदर्शन; IIT, AIIMS, Google, IBM समेत देशभर के विशेषज्ञ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोबोटिक्स, रोजगार और शासन में AI के इस्तेमाल पर करेंगे मंथन

भारत 19
कानपुर। किसान की फसल का सही फैसला हो, मरीज में बीमारी का खतरा समय रहते पकड़ना हो या छात्र की कॉपी जांच और डिग्री की प्रामाणिकता, AI अब प्रयोगशाला से निकलकर रोजमर्रा की जरूरतों तक पहुंच रहा है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में 12 और 13 सितंबर को होने वाला ‘AI मंथन 2.0’ इसी बदलाव की तस्वीर पेश करेगा। दो दिवसीय आयोजन में 14 AI आधारित नवाचारों के प्रदर्शन के साथ देश के प्रमुख शैक्षणिक, शोध और उद्योग संस्थानों के विशेषज्ञ AI के अगले दौर पर चर्चा करेंगे।

14 नवाचारों में खेती से दस्तावेज सत्यापन तक

विश्वविद्यालय परिसर में लगाए जाने वाले 14 स्टार्टअप स्टॉल पर AI आधारित मॉडल और प्रयोग प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु, परीक्षा मूल्यांकन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शैक्षणिक दस्तावेज सत्यापन से जुड़े समाधान शामिल हैं। इनमें किसान के लिए फसल, सिंचाई, कीट-रोग प्रबंधन और मंडी भाव की जानकारी देने वाले AI मॉडल से लेकर जलवायु और फसल जोखिम का अनुमान लगाने वाली तकनीक शामिल है। स्वास्थ्य क्षेत्र में डायबिटिक फुट और न्यूरोपैथी के शुरुआती खतरे की पहचान तथा पहनने योग्य सेंसर आधारित स्वास्थ्य निगरानी के मॉडल भी प्रदर्शित होंगे।

AI बताएगा बीमारी का खतरा, फिजियोथेरेपी का तरीका

D-Scan 360 Edge AI के जरिए डायबिटिक न्यूरोपैथी और डायबिटिक फुट के शुरुआती जोखिम के आकलन पर केंद्रित है। वहीं न्यूराकार्डिया सूक्ष्म-सुई आधारित जैव-संवेदी प्रणाली के जरिए Troponin, BNP और CRP जैसे स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी और AI आधारित जोखिम आकलन पर काम करता है। फिजियोथेरेपी से जुड़े सुश्रुत और AI फिजियोथेरेपिस्ट शरीर की मुद्रा और गतिविधियों का विश्लेषण कर व्यायाम के दौरान तत्काल सुझाव देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

किसानों के फैसले में मौसम और मंडी भाव साथ

Nkosh किसान AI किसानों को फसल चयन, बुवाई, सिंचाई, पोषण, कीट-रोग प्रबंधन और पशुपालन से जुड़ी जानकारी देने पर केंद्रित है। यह 11 से अधिक भारतीय भाषाओं में काम करने और वास्तविक समय में मंडी भाव उपलब्ध कराने का दावा करता है। GramForecast AI मंडी भाव, मौसम, पुराने आंकड़ों और AI पूर्वानुमान को जोड़कर किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और ग्रामीण कारोबारियों को फसल की कीमत, मांग और बिक्री के बेहतर समय का अनुमान देने पर काम करता है। वहीं ClimAgro Analytics 120 वर्ष से अधिक के जलवायु आंकड़ों और संभावित भविष्य के बदलावों को जोड़कर भारत के 500 से अधिक जिलों में जलवायु और फसल जोखिम की जानकारी उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

परीक्षा की कॉपी और डिग्री की जांच भी AI से

शिक्षा क्षेत्र में AI के इस्तेमाल को दिखाने वाले मॉडलों में GradeSmith हस्तलिखित उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर केंद्रित है। यह अंक देने के साथ उनके पीछे का कारण बताने की दिशा में काम करता है। VIDYAPANJI.ai अंकतालिका, डिग्री और रजिस्टर जैसे शैक्षणिक दस्तावेजों की सूचनाओं को संस्थागत रिकॉर्ड से मिलाकर सत्यापन प्रक्रिया को तेज और डिजिटल बनाने पर काम करता है। Drona छात्रों के लिए व्यक्तिगत शिक्षण के साथ शिक्षकों के लिए AI सहायक, परीक्षा मूल्यांकन, डेटा विश्लेषण और प्रशासनिक सुविधाओं पर केंद्रित है। वहीं AurobyteAI का DocuChat RAG दस्तावेज आधारित जानकारी और AuroSavant प्रश्न निर्माण, मूल्यांकन और विद्यार्थियों के लिए सुझाव देने जैसे कामों पर केंद्रित है।

स्मार्ट क्लास से AI फिजियोथेरेपिस्ट तक प्रयोग

CSJMU और IBM की पहल Bob Hacks ’26 में स्मार्ट कक्षा, AI Posture Coach और AI Virtual Clinic जैसे प्रयोग दिखाए जाएंगे। इनका फोकस शिक्षा, शरीर की मुद्रा सुधार और ग्रामीण व कम सुविधा वाले क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सहायता जैसे इस्तेमाल पर है। एचबीटीयू, कानपुर से जुड़ा Young Researcher हिंदी-अंग्रेजी अनुभव आधारित शिक्षण मंच पर केंद्रित है, जबकि KodeKloud DevOps, Cloud और AI के व्यावहारिक प्रशिक्षण से जुड़ा समाधान प्रस्तुत करेगा।

IIT, AIIMS, Google और IBM के विशेषज्ञ जुटेंगे

AI मंथन 2.0 में IIT खड़गपुर, IIT मंडी, IIT रोपड़, AIIMS नई दिल्ली, राजीव गांधी कैंसर संस्थान, BITS पिलानी, Google और IBM समेत कई संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। IIT खड़गपुर के प्रो. पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती शिक्षा, शोध और तकनीकी विकास में AI के बदलाव पर चर्चा करेंगे। BITS पिलानी के कुलपति प्रो. वी. रामगोपाल राव AI के दौर में विश्वविद्यालयों की बदलती भूमिका, शोध और उद्योग-अकादमिक सहयोग पर विचार रखेंगे।

स्वास्थ्य से खेती तक AI के नए इस्तेमाल

AIIMS नई दिल्ली की प्रो. कृतिका रंगराजन स्तन कैंसर की पहचान और उपचार में AI की भूमिका पर चर्चा करेंगी। राजीव गांधी कैंसर संस्थान के डॉ. वसंत वेणुगोपाल चिकित्सा और रेडियोलॉजी में AI के अनुभव साझा करेंगे। IIT रोपड़ के डॉ. मुकेश सैनी फसल आंकड़ों के विश्लेषण और AI आधारित मॉडलिंग पर चर्चा करेंगे। IIT मंडी के डॉ. अमित शुक्ला AI शोध को ड्रोन, रोबोटिक्स, कंप्यूटर विजन और स्वायत्त प्रणालियों से जोड़ने की संभावनाएं बताएंगे।

रोजगार और शासन में AI की नई भूमिका

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमृत त्रिपाठी AI के दौर में विद्यार्थियों के लिए जरूरी नए कौशल और बदलती शिक्षा व्यवस्था पर विचार रखेंगे। अपर मुख्य सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, आलोक कुमार उत्तर प्रदेश को AI सक्षम बनाने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। Google के सौरभ राजपाल उच्च शिक्षा में तकनीकी बदलाव और रोजगार क्षमता पर तथा IBM Software Lab India के विशाल चहल सुरक्षित, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर AI व्यवस्था की जरूरत पर अपना पक्ष रखेंगे।

AI मंथन में तकनीक से ज्यादा उपयोगिता पर जोर

CSJMU का यह आयोजन AI को सिर्फ चैटबॉट या कोडिंग तक सीमित रखने के बजाय उसके वास्तविक उपयोग को सामने लाएगा। किसान, मरीज, छात्र, शिक्षक, शोधकर्ता और प्रशासन, अलग-अलग जरूरतों के लिए तैयार 14 नवाचारों और विशेषज्ञों की चर्चा से AI के अगले विस्तार की तस्वीर सामने आएगी।

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