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कानपुर। कानपुर में गंगा का लगातार बढ़ता जलस्तर अब प्रशासन और गंगा किनारे बसे इलाकों के लिए सतर्कता का संकेत बन गया है। नदी के रुख में पिछले चार दिनों से जारी बढ़ोतरी के बीच अब निगाहें अगले कुछ दिनों के मौसम और ऊपरी गंगा क्षेत्र से आने वाले पानी पर टिक गई हैं। स्थानीय स्तर पर बारिश की स्थिति के साथ बैराजों के प्रवाह में होने वाले बदलाव से गंगा के जलस्तर की आगे की दिशा तय होगी।

उत्तराखंड की बारिश बदल सकती है गंगा का रुख
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की संभावना बनी हुई है। ऊपरी गंगा क्षेत्र में होने वाली बारिश का असर नीचे की ओर नदी के प्रवाह पर पड़ सकता है। ऐसे में कानपुर में गंगा के जलस्तर की निगरानी के साथ उत्तराखंड और रास्ते में आने वाले प्रमुख बैराजों की स्थिति पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
जलस्तर लगातार बढ़ने से कटरी के गांवों बढ़ी चिंता
गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। जलस्तर में आगे भी वृद्धि होने पर कटरी के गांवों और खेतों के साथ नदी के आसपास के संपर्क मार्गों पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल स्थिति को खतरे के स्तर के बजाय सतर्क निगरानी की स्थिति के तौर पर देखा जाना ज्यादा उचित है।
अगले प्रवाह पर तय होगी बाढ़ की आगे तस्वीर
गंगा में बाढ़ की स्थिति केवल मौजूदा जलस्तर से तय नहीं होती, बल्कि आने वाले घंटों और दिनों में नदी के प्रवाह में होने वाला बदलाव भी अहम होता है। इसलिए कानपुर बैराज के साथ ऊपरी बैराजों से आने वाले पानी और मौसम के नए पूर्वानुमानों को जोड़कर स्थिति का आकलन करना होगा। यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश बढ़ती है तो कानपुर में गंगा के बढ़ते रुख को लेकर सतर्कता और बढ़ सकती है।


