- फाइव-डे बैंकिंग और PLI में कथित भेदभाव पर नहीं बनी सहमति; दो दिन की वार्ता के बाद यूनियनों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया
भारत 19
कानपुर। बैंक कर्मचारियों की मांगों पर दो दिन की बातचीत भी गतिरोध नहीं तोड़ सकी। फाइव-डे बैंकिंग और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में कथित भेदभाव खत्म करने की मांग पर सहमति नहीं बनने के बाद बैंक यूनियनों ने 11 सितंबर की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का फैसला बरकरार रखा है। यानी बातचीत का रास्ता खुला रहने के बावजूद 11 सितंबर को देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर पड़ना तय है।
फाइव-डे बैंकिंग बनी सबसे बड़ी अड़चन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के स्थानीय संयोजक रजनीश गुप्ता ने बताया कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा और बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता व कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
PLI में भेदभाव खत्म करने की मांग
बैंक यूनियनों का दूसरा प्रमुख मुद्दा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI के वितरण से जुड़ा है। यूनियनों का आरोप है कि कर्मचारियों और अधिकारियों के योगदान तथा प्रदर्शन के बावजूद प्रोत्साहन राशि के वितरण में असमानता बरती जा रही है। उनकी मांग है कि समान योगदान और जिम्मेदारी के अनुरूप PLI की व्यवस्था पारदर्शी और न्यायपूर्ण हो।
आश्वासन नहीं, ठोस फैसले पर अड़ा संगठन
रजनीश गुप्ता ने कहा कि दो दिनों तक चली वार्ता के बावजूद दोनों मुद्दों पर कोई ठोस और संतोषजनक निर्णय नहीं हो सका। केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं और जब तक दोनों मांगों पर न्यायपूर्ण समाधान नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा।


