- बेसमेंट में मरम्मत का काम चलने के दौरान हुआ हादसा, नौ लोग मलबे से निकाले गए; पांच की हालत गंभीर, दबे लोगों की तलाश जारी**
भारत 19
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब बेसमेंट में मरम्मत या निर्माण का काम चलने के दौरान पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल गंभीर हालत में हैं। अब तक नौ लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के बीच पुलिस, दमकल और एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। ढही इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी (Paying Guest) के रूप में किया जा रहा था।
बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
दिल्ली पुलिस के मुताबिक हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में मरम्मत या निर्माण संबंधी काम चल रहा था। पुलिस ने इमारत के मालिक की पहचान कर ली है और मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस और प्रशासन इमारत की संरचनात्मक स्थिति समेत हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
नौ लोगों को मलबे से निकाला गया
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बचाव दलों ने मलबे से नौ लोगों को बाहर निकाला। इनमें घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पांच घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बचाव टीमें मलबे के अलग-अलग हिस्सों को सावधानी से हटाकर यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं कोई अन्य व्यक्ति अंदर तो नहीं फंसा है। फिलहाल मलबे में फंसे लोगों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
छात्रों के पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही थी इमारत
स्थानीय जानकारी के अनुसार ढही इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ नाम से छात्रों के पीजी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। सत्य निकेतन और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में छात्र पीजी और हॉस्टल में रहते हैं। हादसे के बाद आसपास की इमारतों को लेकर भी एहतियात बरती जा रही है। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है, ताकि एंबुलेंस और बचाव वाहनों की आवाजाही में बाधा न आए।
प्रधानमंत्री हादसे पर दुखी, मुख्यमंत्री ने घायलों का हाल जाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना पर दुख जताया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन राहत-बचाव अभियान में जुटा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने घायलों के उपचार की जानकारी ली और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।


