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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार, 5 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी। डॉ. शर्मा अंडमान-निकोबार के मौजूदा उपराज्यपाल एडमिरल (सेवानिवृत्त) डीके जोशी का स्थान लेंगे। जोशी ने 8 अक्टूबर 2017 को उपराज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था।
62 साल के दिनेश शर्मा का लंबा राजनीतिक अनुभव
12 जनवरी 1964 को लखनऊ में जन्मे डॉ. दिनेश शर्मा राजनीति के साथ अकादमिक क्षेत्र से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमकॉम और पीएचडी की तथा विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। उनका भाजपा में राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से आगे बढ़ा। वह 1990 के दशक में भारतीय जनता युवा मोर्चा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रहे। इसके बाद संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते हुए वह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बने।
दो बार लखनऊ के मेयर भी रह चुके हैं शर्मा
दिनेश शर्मा वर्ष 2006 में पहली बार लखनऊ के महापौर चुने गए। वर्ष 2012 में उन्होंने दोबारा यह चुनाव जीता। महापौर के रूप में उनका कार्यकाल करीब एक दशक तक रहा और इसी दौरान उनकी पहचान भाजपा के प्रमुख शहरी नेताओं में बनी। 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने पर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने 2017 से 2022 तक उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। इस दौरान उनके पास उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे।
2023 में राज्यसभा पहुंचे, अब मिली नई जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल के बाद दिनेश शर्मा को 2023 में राज्यसभा भेजा गया। वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य बने और संसद में उनकी सक्रियता भी रही। पीआरएस इंडिया के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 तक राज्यसभा में उनकी उपस्थिति 94 प्रतिशत रही और उन्होंने 226 सवाल पूछे। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उनका कार्यकाल एक नए संवैधानिक पद पर शुरू होगा। खास बात यह है कि उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब उनका राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होना था।
अंडमान-निकोबार की जिम्मेदारी क्यों अहम
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण केंद्रशासित प्रदेश है। हिंद महासागर क्षेत्र में इसकी भौगोलिक स्थिति भारत की समुद्री सुरक्षा, रक्षा रणनीति और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम है। उपराज्यपाल के तौर पर दिनेश शर्मा के सामने प्रशासनिक विकास के साथ द्वीपों में कनेक्टिविटी, पर्यटन, आधारभूत ढांचे और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
हालांकि, राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना में नियुक्ति के पीछे किसी विशेष कारण या प्राथमिकता का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इसे किसी खास राजनीतिक रणनीति से जोड़ना फिलहाल आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है।


