Hot Topics

देश में एक घड़ी होगी, अब IST से चलेंगे सिस्टम

  • सरकार ने नए नियम अधिसूचित किए, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, टेलीकॉम, परिवहन और सरकारी रिकॉर्ड में एक समान समय संदर्भ की तैयारी; 180 दिन बाद लागू होंगे प्रावधान

भारत 19 

नई दिल्ली। भारत में समय के इस्तेमाल को एकरूप बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब Indian Standard Time (IST) को देश में कानूनी, प्रशासनिक, व्यावसायिक और आधिकारिक कामकाज के लिए साझा समय संदर्भ बनाने की तैयारी है। इसके लिए Legal Metrology (Indian Standard Time) Rules, 2026 अधिसूचित किए गए हैं। हालांकि नियम तुरंत लागू नहीं होंगे। राजपत्र में प्रकाशन के 180 दिन बाद इनका अमल शुरू होगा। इस बदलाव का मकसद केवल सरकारी कार्यालयों की घड़ियों को एक समय पर लाना नहीं है। सरकार की योजना उन डिजिटल और तकनीकी प्रणालियों को भी एक ही आधिकारिक समय स्रोत से जोड़ने की है, जहां लेनदेन, रिकॉर्ड या किसी घटना का सटीक टाइम-स्टांप बेहद महत्वपूर्ण होता है।

बैंकिंग और UPI से लेकर टेलीकॉम तक असर

नए नियमों के दायरे में समय पर निर्भर कई महत्वपूर्ण क्षेत्र आएंगे। बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, टेलीकॉम, इंटरनेट नेटवर्क, रेलवे, हवाई परिवहन, बिजली व्यवस्था, सरकारी रिकॉर्ड और कानूनी दस्तावेज में IST को मानक समय संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। मिसाल के तौर पर किसी डिजिटल भुगतान या बैंकिंग लेनदेन का सही समय दर्ज होना विवाद या जांच की स्थिति में अहम हो सकता है। इसी तरह साइबर हमले, नेटवर्क फेलियर या तकनीकी गड़बड़ी की जांच में अलग-अलग सिस्टम की घड़ियों में अंतर होने से घटनाओं का सही क्रम तय करना मुश्किल हो सकता है। एक समान समय संदर्भ से ऐसी समस्याएं कम करने में मदद मिलेगी।

IST पहले से है, नया क्या बदलेगा?

भारत में IST पहले से आधिकारिक समय है। नया बदलाव यह है कि सरकार अब समय से जुड़े सिस्टम और आधिकारिक गतिविधियों में IST के इस्तेमाल को नियमों के जरिए ज्यादा स्पष्ट और अनिवार्य ढांचे में ला रही है। नए नियमों के मुताबिक कानूनी, प्रशासनिक और आधिकारिक दस्तावेजों में समय का संदर्भ IST होगा, जबकि अलग समय संदर्भ का इस्तेमाल केवल निर्धारित अपवादों में किया जा सकेगा। व्यावसायिक गतिविधियों, वित्तीय संचालन, परिवहन और महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचे के लिए भी IST को मानक संदर्भ बनाने का प्रावधान किया गया है।

NPL रखेगा देश के आधिकारिक समय का हिसाब

भारत के आधिकारिक समय की मूल समय-सीमा का रखरखाव CSIR-National Physical Laboratory (NPL) करता है। IST को UTC(NPLI) के आधार पर तैयार किया जाता है और यह अंतरराष्ट्रीय UTC से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। नए नियमों में NPL को देश की प्राथमिक समय-सीमा बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। IST को देशभर में सटीक तरीके से पहुंचाने के लिए NPL, Regional Reference Standard Laboratories और ISRO समेत अधिकृत संस्थानों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा।

NavIC और White Rabbit से सटीक समय

देश में सटीक समय उपलब्ध कराने के लिए NavIC और अन्य अधिकृत भारतीय टाइमिंग स्रोतों के इस्तेमाल का प्रावधान भी किया गया है। इससे महत्वपूर्ण सिस्टम को भरोसेमंद घरेलू समय संकेत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ‘One Nation, One Time’ पहल के तहत बेंगलुरु में White Rabbit Technology आधारित IST Dissemination Demonstration Network का परीक्षण भी किया जा चुका है। इस तकनीक के जरिए बेहद सटीक समय को बैंकिंग, टेलीकॉम, बिजली, परिवहन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों तक पहुंचाने की क्षमता प्रदर्शित की गई है।

विदेशी टाइम सोर्स पर निर्भरता घटेगी

सरकार की इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू विदेशी सैटेलाइट आधारित टाइम सोर्स पर निर्भरता कम करना भी है। कई तकनीकी प्रणालियां समय के लिए बाहरी स्रोतों का इस्तेमाल करती हैं। घरेलू समय वितरण नेटवर्क विकसित होने से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारत के अपने प्रमाणित टाइमिंग सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा। यह व्यवस्था खास तौर पर ऐसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां कुछ माइक्रोसेकंड या मिलीसेकंड का अंतर भी तकनीकी या वित्तीय रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।

कंपनियों और सरकारी संस्थानों को मिलेगा समय

नए नियमों के लागू होने से पहले 180 दिन का संक्रमण काल दिया गया है। इस दौरान सरकारी विभागों, कंपनियों, संस्थानों और अन्य संबंधित संगठनों को अपने कंप्यूटर, सर्वर, नेटवर्क और टाइम-स्टांप आधारित प्रणालियों की समीक्षा कर जरूरी तकनीकी बदलाव करने होंगे। यानी फिलहाल आम लोगों की घड़ियां बदलने जैसी कोई जरूरत नहीं है। बदलाव मुख्य रूप से सिस्टम के आधिकारिक समय स्रोत और टाइम-स्टांपिंग व्यवस्था में होगा। 180 दिन की अवधि पूरी होने के बाद IST को निर्धारित कानूनी, प्रशासनिक, वाणिज्यिक और आधिकारिक गतिविधियों के लिए साझा समय संदर्भ के रूप में लागू किया जाएगा।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News