Hot Topics

लाइसेंस रद्द था, फिर भी चल रही थी कौशांबी की पटाखा फैक्ट्री

  • महमदपुर ब्लास्ट में 11 मौतों के बाद खुली अवैध पटाखा इकाई की परतें, मरने वालों में आठ बच्चे, मुठभेड़ के बाद पैर में गोली लगने से घायल मुख्य आरोपी नौशाद गिरफ्तार, अवैध गोदाम पर चला बुलडोजर, पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई

भारत 19

प्रयागराज। कौशांबी के महमदपुर में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद जांच में सामने आए तथ्यों ने प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस इकाई में धमाका हुआ, उसका लाइसेंस 2024 में रद्द किया जा चुका था, फिर भी वहां पटाखों का निर्माण और भंडारण जारी रहने की बात सामने आई है। हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हुई है, इनमें आठ बच्चे हैं। पांच घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मुख्य आरोपी नौशाद की गिरफ्तारी और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई ने मामले को नया मोड़ दिया है।

लाइसेंस रद्द होने के बाद भी चलता रहा कारोबार

जांच में लाइसेंस रद्द होने की जानकारी सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रतिबंधित गतिविधि दो साल तक कैसे चलती रही। महमदपुर में जिस परिसर से पटाखा निर्माण और भंडारण की गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है, वह आबादी के करीब था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि लाइसेंस रद्द होने के बाद फैक्ट्री संचालक ने किस आधार पर काम जारी रखा और स्थानीय स्तर पर इसकी निगरानी क्यों नहीं हुई।

11 मौतों के बाद सामने आई लापरवाही

सोमवार को हुए विस्फोट में फैक्ट्री पूरी तरह ध्वस्त हो गई। धमाके की चपेट में आसपास के मकान भी आए। राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से शव निकाले गए। मृतकों में आठ बच्चों का होना हादसे की भयावहता के साथ-साथ पटाखा निर्माण इकाई में सुरक्षा व्यवस्था और काम करने वालों की उम्र को लेकर भी सवाल खड़े करता है।

मुख्य आरोपी नौशाद गिरफ्तार

हादसे के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस ने मंगलवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार चरवा क्षेत्र में घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। उससे फैक्ट्री के संचालन, पटाखा सामग्री के भंडारण और लाइसेंस रद्द होने के बावजूद गतिविधियां जारी रखने के बारे में पूछताछ की जा रही है।

गोदाम पर चला बुलडोजर

प्रशासन ने हादसे के बाद आरोपी से जुड़े पटाखा गोदाम पर भी कार्रवाई की। घटनास्थल से कुछ दूरी पर स्थित गोदाम को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन अब आरोपी से जुड़े अन्य ठिकानों और संपत्तियों की भी जांच कर रहा है। कार्रवाई का मकसद अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के संभावित नेटवर्क का पता लगाना भी है।

निगरानी में चूक पर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

फैक्ट्री के संचालन पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर पुलिस विभाग ने स्थानीय स्तर पर भी कार्रवाई की है। पिपरी थाना प्रभारी और संबंधित चौकी प्रभारियों को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि बीट स्तर के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की जानकारी है। इससे साफ है कि जांच में फैक्ट्री संचालकों के साथ स्थानीय निगरानी तंत्र की भूमिका भी देखी जा रही है।

छह लोगों के खिलाफ एफआईआर

मामले में फैक्ट्री से जुड़े छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि पटाखा निर्माण के लिए कच्चा माल कहां से आता था और तैयार माल कहां भेजा जाता था।

विस्फोट की वजह पर जांच जारी

हादसे का सटीक कारण अभी जांच के दायरे में है। शुरुआती जानकारी में आग लगने के बाद पटाखा सामग्री में लगातार धमाके होने की बात सामने आई थी। अब जांच में निर्माण प्रक्रिया, ज्वलनशील सामग्री के भंडारण, उसकी मात्रा और सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की जा रही है। किसी एक कारण को अंतिम रूप से जिम्मेदार ठहराने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।

मुआवजे का ऐलान, इलाज पर जोर

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने और राहत-बचाव अभियान में तेजी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता अब प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के साथ जांच को आगे बढ़ाना है।

अब सवाल फैक्ट्री से ज्यादा सिस्टम पर

महमदपुर हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल विस्फोट की वजह से आगे बढ़कर लाइसेंस रद्द होने के बावजूद पटाखा फैक्ट्री चलने पर आ गया है। यदि इकाई का लाइसेंस 2024 में ही रद्द हो गया था तो उसके बाद पटाखों का निर्माण और भंडारण किसकी जानकारी में होता रहा? स्थानीय स्तर पर निगरानी क्यों नहीं हुई? पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई के बाद अब जांच का जवाबदेही वाला पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। हादसे की जांच इन सवालों के जवाब तय करेगी।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News