- शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास प्रधानमंत्री का फोटो देखकर जताई आपत्ति, मनसे कार्यकर्ताओं ने उतारी, घटना का वीडियो वायरल
भारत 19
महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के अध्यक्ष अमित ठाकरे ने सोमवार को पुणे के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटवा दी। कॉलेज के एक कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास मोदी का फोटो लगा देखकर अमित ठाकरे ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने तस्वीर वहां से उतार दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
अमित ठाकरे 31 अगस्त को पुणे के शिवाजीनगर स्थित Government Polytechnic पहुंचे थे। उनका दौरा विद्यार्थियों की समस्याओं और कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने के लिए था। इस दौरान उन्होंने छात्रों से बातचीत की और कॉलेज प्रशासन से भी कई मुद्दों पर जानकारी ली। ठाकरे ने कॉलेज की कैंटीन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्पोर्ट्स कोटे से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षकों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। विद्यार्थियों ने कॉलेज की सुविधाओं से जुड़ी कुछ अन्य समस्याएं भी उनके सामने रखीं।
शिवाजी महाराज के पास मोदी की तस्वीर पर सवाल
इसी दौरान अमित ठाकरे की नजर कॉलेज के कार्यालय में लगी तस्वीरों पर गई। वहां छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो लगा था। इसे देखकर ठाकरे ने सवाल उठाया कि शिवाजी महाराज के पास प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर क्यों लगाई गई है। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद मनसे कार्यकर्ताओं से मोदी की तस्वीर हटाने को कहा। कार्यकर्ताओं ने तस्वीर नीचे उतार दी। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
अमित ठाकरे ने कार्रवाई को लेकर क्या कहा
रिपोर्टों के अनुसार, अमित ठाकरे का कहना था कि छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने का औचित्य स्पष्ट होना चाहिए। उनका जोर इस बात पर था कि शिवाजी महाराज की तस्वीर के साथ प्रधानमंत्री की तस्वीर नहीं लगाई जानी चाहिए। इस घटनाक्रम ने अमित ठाकरे के पुणे दौरे को राजनीतिक रंग दे दिया है। खासकर तस्वीर हटाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना बढ़ गई है।
सात कॉलेजों का दौरा करेंगे अमित ठाकरे
अमित ठाकरे का पुणे दौरा सिर्फ सरकारी पॉलिटेक्निक तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक वह शहर के सात कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस दौरान शिक्षा, कॉलेज सुविधाओं, विद्यार्थियों की सुरक्षा और प्रशासन से जुड़ी समस्याओं को उठाने की योजना है। इस दौरे के तहत मनसे विद्यार्थी सेना ने विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अभियान और कार्यक्रम भी प्रस्तावित किए हैं। ऐसे में सरकारी कॉलेज में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटाए जाने की घटना ने उनके छात्र संवाद अभियान को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
घटना से राजनीतिक विवाद तेज
पुणे पॉलिटेक्निक में मोदी की तस्वीर हटाए जाने के बाद अब विवाद का केंद्र यह कार्रवाई बन गई है। एक तरफ मनसे इसे छत्रपति शिवाजी महाराज के सम्मान से जोड़ रही है, जबकि दूसरी ओर इस तरह सरकारी संस्थान में प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाए जाने को लेकर सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में तस्वीर हटाए जाने की घटना और उसका वीडियो स्पष्ट रूप से सामने आया है। हालांकि, तस्वीर लगाने के पीछे कॉलेज प्रशासन का आधिकारिक पक्ष और उसे लगाने से संबंधित कोई विशिष्ट प्रशासनिक आदेश सामने नहीं आया है। इसलिए इस स्तर पर इसे किसी नियम या प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताना उचित नहीं होगा।


