- बारादेवी-जूही डिपो रोड पर स्ट्रीट लाइट ठीक करते समय हादसा, पोल में लगाते ही गीली हरे बांस की सीढ़ी में आया करंट; तीनों निजी अस्पताल में भर्ती
भारत 19 कानपुर। बारादेवी-जूही डिपो रोड पर स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने पहुंचे नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग के तीन लाइनमैन करंट की चपेट में आकर झुलस गए। कर्मचारियों के मुताबिक पोल में गीली हरे बांस की सीढ़ी लगाते ही उसमें करंट उतर आया, जिससे संजय, फैजान और कुनाल सोनी झुलस गए। तीनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे में इस्तेमाल सीढ़ी ठेकेदार संजय दीक्षित ने करीब 10 दिन पहले उपलब्ध कराई थी।
सुरक्षा इंतजामों की होगी जांच
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के विद्युत सुरक्षा और आपूर्ति से संबंधित उपाय विनियम, 2023 में विद्युत कार्य के दौरान रबर ग्लव्स, सेफ्टी फुटवियर, हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, नॉन-कंडक्टिव सीढ़ी, लाइन टेस्टर और वोल्टेज डिटेक्टर जैसे सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल का प्रावधान है। ऐसे में जांच में यह देखा जाना है कि मार्ग प्रकाश कर्मचारियों को निर्धारित सुरक्षा संसाधन उपलब्ध थे या नहीं और हाईटेंशन लाइन के आसपास काम से पहले विद्युत जोखिम, सुरक्षित दूरी और साइट का निरीक्षण किया गया था या नहीं। सीढ़ी की आपूर्ति से जुड़े वर्कऑर्डर, टेंडर की तकनीकी शर्तें, सप्लाई रिकॉर्ड और स्वीकृति की भी जांच की जानी चाहिए। साथ ही हाईटेंशन लाइन, स्ट्रीट लाइट की वायरिंग, पोल की अर्थिंग और संभावित विद्युत लीकेज की तकनीकी जांच से यह स्पष्ट होगा कि करंट सीढ़ी तक कैसे पहुंचा।
ठेकेदार और विभागीय निगरानी पर सवाल
जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि ठेकेदार से मिली सीढ़ी की गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच किस अधिकारी ने की थी, कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण किस स्तर पर उपलब्ध कराए गए और मौके पर काम की निगरानी किसकी जिम्मेदारी थी। यदि तकनीकी या विभागीय जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति या एजेंसी के खिलाफ लागू नियमों और अनुबंधीय प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। हादसे का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।


