- बारिश से प्रभावित गांवों में जलभराव, मकान गिरने और सड़क क्षति पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश; केशव मौर्य ने अधिकारियों से राहत कार्य में लापरवाही नहीं करने को कहा
भारत 19
लखनऊ/ उत्तर प्रदेश में बारिश से हो रहे नुकसान की खबरों के बीच प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में निगरानी और राहत व्यवस्था को लेकर अलर्ट जारी किया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को ब्लॉक और ग्राम स्तर पर 24 घंटे क्षेत्र की निगरानी करने और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सूचना का इंतजार करने के बजाय खुद क्षेत्र में जाकर हालात का जायजा लें।
जलभराव और मकान गिरने पर तत्काल कार्रवाई
उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के कारण होने वाले जलभराव, मकान गिरने, सड़क और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने समेत जनजीवन प्रभावित करने वाली हर स्थिति पर नजर रखने को कहा है। ग्राम पंचायत स्तर तक अधिकारी और कर्मचारी स्थानीय परिस्थितियों की लगातार जानकारी लेते रहें। खासकर कच्चे मकानों, ग्रामीण मार्गों, नालियों, पुल-पुलियों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर बारिश के असर का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के कारण जहां लोगों को परेशानी हो रही हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय करके अधिकारी तत्काल जरूरी कार्रवाई करें। उन्होंने प्रभावित परिवारों के आवास या संपत्ति को नुकसान पहुंचने पर मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करने और नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
नुकसान की सूचना छिपाने पर चेतावनी
बारिश से गंभीर स्थिति बनने पर स्थानीय प्रशासन, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने को कहा गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा या बारिश से पैदा हुई मुश्किल की स्थिति में प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिलना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी नागरिक को संकट के समय अकेला महसूस नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश से हुई किसी घटना या नुकसान की सूचना छिपाई या लंबित नहीं रखी जाए। घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए, ताकि स्थिति की गंभीरता के अनुसार राहत और बचाव से जुड़े फैसले समय पर लिए जा सकें। उन्होंने कहा कि बारिश से होने वाले नुकसान को कम करने में समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए ग्राम और ब्लॉक स्तर पर मिलने वाली प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लिया जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी
मानसून के सक्रिय दौर को देखते हुए ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। जलभराव वाले इलाकों, कमजोर मकानों, क्षतिग्रस्त ग्रामीण मार्गों और सार्वजनिक सुविधाओं पर बारिश के असर की लगातार जानकारी लेने के निर्देश हैं। सरकार का फोकस फिलहाल नुकसान की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय मौके पर सक्रिय निगरानी और प्रभावित लोगों तक समय पर राहत पहुंचाने पर है।
