- यूपी पुलिस के उपनिरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और लेखा पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र; एक दिन पहले योगी ने ‘चाचा-भतीजे’ पर लगाया था नौकरियों में डकैती का आरोप, छह महीने में एक लाख से ज्यादा नियुक्तियों का दावा
भारत 19
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश पुलिस के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। ये नियुक्तियां पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के तहत हुई हैं। चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद शामिल हैं। नियुक्ति पत्र वितरण के मंच से मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और योग्यता आधारित चयन को सरकार की उपलब्धि के रूप में पेश किया। हालांकि इस कार्यक्रम का राजनीतिक संदर्भ एक दिन पहले दिए उनके बयान से भी जुड़ गया, जब उन्होंने सपा की पिछली सरकार पर नौकरियों में कथित भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं को लेकर हमला बोला था।
‘चाचा-भतीजे नौकरियों पर डकैती डालते थे’
19 सितंबर को 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देते हुए योगी ने सपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा था कि “चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ नौकरियों पर डकैती डालने निकलती थी।” उन्होंने आरोप लगाया था कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया में ऐसे लोगों को भी नियुक्ति पत्र मिल जाता था, जिन्होंने आवेदन तक नहीं किया था, जबकि आवेदन करने वाले अभ्यर्थी देखते रह जाते थे। यह मुख्यमंत्री का पिछली सरकार की भर्ती व्यवस्था पर राजनीतिक आरोप था। योगी ने यह भी कहा था कि आयोग और भर्ती बोर्ड यदि राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रहकर परीक्षा की शुचिता के साथ काम करें तो चयन प्रक्रिया के परिणाम अलग दिखाई देते हैं। उन्होंने अपनी सरकार की भर्ती प्रक्रिया को इसी आधार पर पारदर्शी और मेरिट आधारित बताया।
912 पुलिस अभ्यर्थियों को मिली नियुक्ति
रविवार के कार्यक्रम में जिन 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, उनका चयन पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की सीधी भर्ती-2023 के तहत हुआ है। नियुक्तियां पुलिस विभाग के लिपिक संवर्ग में हुई हैं। इससे एक दिन पहले 818 अभ्यर्थियों को विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इनमें आयुष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कौशल विकास और अन्य विभागों के चयनित अभ्यर्थी शामिल थे।
‘विपक्ष गिनता जाए, सरकार नियुक्तियां देती जाएगी’
योगी ने सरकारी नौकरियों को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि सरकार लगातार नियुक्ति पत्र बांट रही है और अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, पिछले वर्षों में करीब 9.50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। छह महीने में एक लाख से अधिक नई नियुक्तियों का लक्ष्य इसी रोजगार अभियान की अगली कड़ी के रूप में बताया गया है।
भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू खत्म करने का जिक्र
योगी ने भर्ती व्यवस्था में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रुप-3 और ग्रुप-4 की भर्तियों में इंटरव्यू की व्यवस्था समाप्त की गई है। उनका कहना है कि इससे चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने आयोगों और भर्ती बोर्डों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होकर काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक परीक्षा की शुचिता बनाए रखना युवाओं के भविष्य के लिए जरूरी है।
भर्ती और सियासत साथ-साथ
दो दिनों में 818 और 912 नियुक्ति पत्र बांटने के कार्यक्रमों के बीच योगी के भाषणों में रोजगार और भर्ती प्रक्रिया के साथ पिछली सरकारों पर राजनीतिक हमले भी प्रमुख रहे। 19 सितंबर को उन्होंने सीधे ‘चाचा-भतीजे’ के जरिए सपा पर निशाना साधा, जबकि 20 सितंबर के कार्यक्रम में 912 पुलिस अभ्यर्थियों की नियुक्ति को पारदर्शी चयन प्रक्रिया से जोड़कर अपनी सरकार की नीति को रेखांकित किया।


