- DHS ने H-1B आश्रित जीवनसाथियों की रोजगार पात्रता खत्म करने का प्रस्ताव रखा; फिलहाल मौजूदा वर्क परमिट पर कोई तत्काल रोक नहीं
भारत 19 डेस्क
अमेरिका में H-1B वीजाधारकों के परिवारों के लिए H-4 वर्क परमिट को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग यानी DHS ने H-1B वीजाधारकों के कुछ आश्रित जीवनसाथियों को नौकरी करने की अनुमति देने वाली मौजूदा व्यवस्था खत्म करने का प्रस्ताव अपनी नियामकीय योजना में शामिल किया है। हालांकि, यह अभी शुरुआती चरण में है और मौजूदा H-4 वर्क परमिट तत्काल खत्म नहीं हुआ है। प्रस्ताव लागू होने की स्थिति में पात्र H-4 आश्रित जीवनसाथियों को रोजगार अनुमति पत्र (EAD) के लिए आवेदन करने की मौजूदा सुविधा समाप्त हो सकती है। यानी फिलहाल कोई नया प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है, लेकिन भविष्य में रोजगार के अधिकार पर असर पड़ने की आशंका ने H-1B परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल मौजूदा वर्क परमिट सुरक्षित
DHS की नियामकीय योजना में इस प्रस्ताव को दीर्घकालिक कार्रवाई की श्रेणी में रखा गया है। अभी प्रस्तावित नियम सार्वजनिक नहीं किया गया है और इसे लागू करने की तारीख भी तय नहीं हुई है। इसका सीधा मतलब है कि मौजूदा H-4 वर्क परमिट धारकों को अभी नौकरी छोड़ने या अपना अनुमति पत्र रद्द होने की चिंता करने की जरूरत नहीं है। किसी बदलाव को प्रभावी बनाने से पहले अमेरिकी प्रशासन को निर्धारित नियामकीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
H-4 वीजा और रोजगार अनुमति का संबंध
H-4 वीजा आम तौर पर H-1B वीजाधारक के पति या पत्नी और 21 वर्ष से कम उम्र के अविवाहित बच्चों को अमेरिका में रहने की अनुमति देता है। हालांकि, केवल H-4 वीजा मिलने से नौकरी करने का अधिकार नहीं मिलता। कुछ पात्र H-4 जीवनसाथियों को वर्ष 2015 में शुरू हुई व्यवस्था के तहत रोजगार अनुमति पत्र के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया था। यह सुविधा मुख्य रूप से उन परिवारों के लिए उपलब्ध है, जिनमें H-1B वीजाधारक स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया के निर्धारित चरण तक पहुंच चुका है। DHS का मौजूदा प्रस्ताव इसी रोजगार अनुमति व्यवस्था को वापस लेने की दिशा में है।
भारतीय परिवारों के लिए बड़ा असर
H-4 रोजगार अनुमति की व्यवस्था भारतीय H-1B परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है। अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया लंबी होने के कारण कई परिवारों को वर्षों तक H-1B व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में H-4 वर्क परमिट H-1B वीजाधारक के जीवनसाथी को नौकरी करने, आय अर्जित करने और अपना पेशेवर करियर जारी रखने का अवसर देता है। यह सुविधा समाप्त होने पर प्रभावित जीवनसाथियों को नौकरी जारी रखने के लिए किसी दूसरी वैध वीजा श्रेणी या रोजगार अनुमति का रास्ता तलाशना पड़ सकता है।
2015 में मिली थी काम करने की सुविधा
H-4 जीवनसाथियों को रोजगार अनुमति देने वाली मौजूदा व्यवस्था 2015 में अमेरिकी प्रशासन ने शुरू की थी। इससे पहले H-4 पर रहने वाले आश्रित जीवनसाथियों के लिए नौकरी करने के अवसर बेहद सीमित थे। नई व्यवस्था के तहत पात्र जीवनसाथियों को रोजगार अनुमति पत्र के लिए आवेदन करने का रास्ता मिला। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर व्यवस्था 2015 से पहले की स्थिति की ओर लौट सकती है।
प्रस्ताव से अंतिम नियम तक लंबी प्रक्रिया
अभी इस प्रस्ताव को अंतिम नियम समझना जल्दबाजी होगी। अगला महत्वपूर्ण चरण प्रस्तावित नियम की औपचारिक अधिसूचना है। DHS पहले प्रस्ताव को सार्वजनिक करेगा। इसके बाद प्रभावित पक्षों और आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। इन सुझावों पर विचार करने के बाद ही सरकार अंतिम नियम जारी कर सकती है। अंतिम नियम आने पर यह स्पष्ट होगा कि बदलाव कब से लागू होगा और मौजूदा वर्क परमिट, नवीनीकरण के आवेदन तथा लंबित मामलों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
तत्काल नहीं, भविष्य के बदलाव का संकेत
फिलहाल स्थिति साफ है कि अमेरिका ने H-4 वर्क परमिट खत्म नहीं किया है। मौजूदा अनुमति अभी प्रभावी है और नया प्रतिबंध लागू नहीं हुआ है। लेकिन DHS की नियामकीय योजना में इसे खत्म करने का प्रस्ताव शामिल होना H-1B परिवारों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। यदि भविष्य में प्रस्ताव अंतिम नियम बन जाता है तो इसका सबसे सीधा असर उन H-4 जीवनसाथियों पर पड़ेगा, जो मौजूदा रोजगार अनुमति के आधार पर अमेरिका में काम कर रहे हैं या नौकरी करने की योजना बना रहे हैं।


