Hot Topics

UPI पर भाजपा नेता बोले ‘हट गया’, फैसला फिर भी जारी

  • ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यावसायिक UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR 15 अक्टूबर से लागू होना है; भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू का ‘कहां लगा, वह तो हट गया’ वाला वीडियो वायरल।

Bharat 19/ कानपुर। तमाम टीवी डिबेट में भाजपा के प्रवक्ताओं को विपक्षी नेताओं पर तंज कसते अक्सर सुना जाता है कि “थोड़ा पढ़ भी लिया करो, जानकारी भी कर लिया करो।” अब कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू का वायरल वीडियो इसी नसीहत को आईना दिखाता नजर आ रहा है। ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यावसायिक UPI भुगतान पर MDR लगाए जाने को लेकर सवाल पूछे जाने पर साहू कहते हैं कि “कहां लगा है, वह तो हट गया।”

दिलचस्प यह है कि उनके इस बयान से दो दिन पहले ही केंद्र सरकार ने नए MDR ढांचे की घोषणा की थी। इसके तहत पात्र ₹2,000 से अधिक के P2M यानी व्यक्ति से व्यापारी को होने वाले UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना है। यानी बहस सिर्फ UPI शुल्क की नहीं, बल्कि संगठन की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे नेता तक सरकार के फैसले की जानकारी पहुंची या नहीं, इस सवाल की भी है।

‘कहां लगा, वह तो हट गया’, वीडियो में यही जवाब

UPI के नए शुल्क ढांचे को लेकर सवाल पूछे जाने पर रामकिशोर साहू का जवाब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में वह UPI पर शुल्क लगाए जाने की बात से इनकार करते हुए कहते सुनाई देते हैं कि “वह तो हट गया, कहां टैक्स लगा है।” सवाल यह है कि जिस व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से बाकायदा स्पष्टीकरण जारी हो चुका है, उसी के बारे में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष को जानकारी क्यों नहीं थी।

विपक्ष को ‘जानकारी’ की नसीहत, अब अपने नेता पर सवाल

राजनीतिक बहस में भाजपा प्रवक्ताओं की ओर से विपक्षी नेताओं को किसी मुद्दे पर बोलने से पहले तथ्य और सरकारी फैसले पढ़ने की नसीहत अक्सर सुनाई देती है। ऐसे में पार्टी के एक क्षेत्रीय अध्यक्ष का यह वीडियो उसी कसौटी को भाजपा के भीतर ही सामने ले आया है। विपक्ष को जानकारी रखने की नसीहत देने वालों के अपने ही खेमे में सरकार के फैसले की जानकारी कितनी है, रामकिशोर साहू का यह वीडियो यही सवाल छोड़ जाता है। हालांकि यह कहना कि साहू को पूरे फैसले की कोई जानकारी नहीं थी, केवल वीडियो के आधार पर निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। उपलब्ध वीडियो में उन्होंने जो कहा है, वह आधिकारिक व्यवस्था से मेल नहीं खाता।

सरकार ने 15 सितंबर को जारी किया था स्पष्टीकरण

वित्त मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 को UPI के नए MDR ढांचे को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी की थी। इसके अनुसार निर्दिष्ट P2M लेनदेन में ₹2,000 से अधिक की राशि पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन रखी गई है। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होनी है। यानी साहू का वीडियो सामने आने के समय यह फैसला महज प्रस्ताव या अटकल नहीं था, बल्कि सरकार की ओर से घोषित व्यवस्था थी।

टैक्स नहीं है MDR, लेकिन शुल्क की घोषणा हुई है

यहां एक फर्क समझना जरूरी है। रामकिशोर साहू ने वीडियो में “टैक्स” शब्द का इस्तेमाल किया है, जबकि सरकार के अनुसार MDR सरकारी टैक्स नहीं है। यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच वितरित होने वाला मर्चेंट डिस्काउंट रेट है। इसलिए तकनीकी तौर पर साहू का यह कहना कि “टैक्स” नहीं लगा है, एक अलग बात है। लेकिन उसी आधार पर यह कहना कि “वह तो हट गया”, आधिकारिक घोषणा से मेल नहीं खाता।

हर UPI भुगतान पर शुल्क नहीं लगेगा

सरकार की घोषणा में यह भी साफ किया गया है कि सभी UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P भुगतान राशि की परवाह किए बिना मुफ्त रहेगा। ₹2,000 तक के P2M भुगतान भी MDR से बाहर रहेंगे। नई व्यवस्था केवल निर्धारित श्रेणी के ₹2,000 से अधिक के व्यापारी भुगतानों पर लागू होगी। छोटे व्यापारियों के लिए भी शून्य-MDR की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। यानी “UPI पर टैक्स लग गया” कहना जितना अधूरा है, उतना ही “चार्ज हट गया” कहना भी आधिकारिक फैसले की पूरी तस्वीर नहीं बताता।

कानपुर में इसी मुद्दे पर व्यापारी भी उठा रहे सवाल

UPI MDR का मुद्दा कानपुर में भी राजनीतिक और कारोबारी बहस का विषय बन चुका है। स्थानीय व्यापारी संगठनों की ओर से डिजिटल भुगतान पर संभावित अतिरिक्त लागत को लेकर चिंता जताई गई है। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज कराया है। ऐसे समय में क्षेत्रीय भाजपा अध्यक्ष का बयान सामने आने से मुद्दे को एक नया राजनीतिक एंगल मिल गया है।

रामकिशोर साहू कौन हैं

रामकिशोर साहू को जून 2026 में भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे पहले वह क्षेत्र में पार्टी के संगठनात्मक दायित्वों में सक्रिय रहे थे। क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में उनके जिम्मे कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के संगठनात्मक कामकाज से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। इस क्षेत्र में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में कई जिले शामिल हैं। उनकी मौजूदा संगठनात्मक भूमिका को देखते हुए UPI जैसे केंद्र सरकार के फैसले पर दिया गया बयान इसलिए भी चर्चा में है।

सरकारी फैसले और बयान में अंतर यहीं है

एक तरफ केंद्र सरकार का आधिकारिक दस्तावेज कहता है कि निर्दिष्ट ₹2,000 से अधिक P2M UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR की व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होगी। दूसरी तरफ वायरल वीडियो में रामकिशोर साहू कहते सुनाई देते हैं कि “वह तो हट गया, कहां टैक्स लगा है।” दोनों को साथ रखकर देखने पर खबर का सवाल साफ है कि क्या भाजपा के क्षेत्रीय स्तर के शीर्ष संगठनात्मक पदाधिकारी तक सरकार के ताजा फैसले की सही जानकारी पहुंची थी? और शायद वायरल वीडियो उन भाजपा प्रवक्ताओं के लिए आईना है जो विपक्ष के प्रवक्ताओं से “जानकारी” का तंज टीवी डिबेट में करते रहते हैं। 

UPI MDR की असली तस्वीर

MDR क्या है : सरकारी टैक्स नहीं, मर्चेंट डिस्काउंट रेट।

किस भुगतान पर : निर्धारित ₹2,000 से अधिक के P2M UPI भुगतान।

दर : 0.4 प्रतिशत।

अधिकतम सीमा : ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर ₹300।

लागू होने की तारीख : 15 अक्टूबर 2026।

P2P भुगतान : मुफ्त।

₹2,000 तक P2M भुगतान :  MDR से बाहर।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News