- 26 जिलों में बाढ़ का असर, पांडु किनारे एक हजार परिवार प्रभावित; बैराज से 3.05 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज
Bharat 19 कानपुर। उत्तर प्रदेश में बाढ़ के बीच भारी बारिश के नए अलर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और राहत-बचाव अभियान जारी है। मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि पूर्वी हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। कानपुर में पांडु नदी के उफनाने से कैचमेंट से सटे निचले इलाकों में करीब एक हजार परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हैं। शुक्रवार सुबह कानपुर बैराज से 3,05,141 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया।
बाढ़ प्रभावित 26 जिलों पर बारिश का नया खतरा
प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ का असर बना हुआ है। हजारों लोग प्रभावित हैं और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नई बारिश की संभावना ने पहले से प्रभावित इलाकों में मुश्किल बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। प्रशासन को नदियों के जलस्तर, तटवर्ती इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
कानपुर बैराज से 3.05 लाख क्यूसेक पानी
शुक्रवार सुबह कानपुर बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 113.700 मीटर और डाउनस्ट्रीम में 113.450 मीटर रहा। चेतावनी स्तर 114 मीटर और खतरे का निशान 115 मीटर है। बैराज से 3,05,141 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने पांडु नदी से सटे अंबेडकर नगर, पिपौरी समेत प्रभावित बस्तियों का निरीक्षण किया। करीब एक हजार परिवार आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। गुजैनी के मायापुरम और रविदासपुरम, पिपौरी, मर्दनपुर, मेहरबान सिंह का पुरवा, जरौली के गोपाल नगर, वरुण विहार, बर्रा, पनका और बहादुर नगर में जलभराव की स्थिति बनी है। प्रशासन के अनुसार पानी पांडु नदी के कैचमेंट एरिया में हुई बसावट वाले निचले क्षेत्रों में पहुंचा है।
पिपौरी में एनडीआरएफ तैनात
पिपौरी में एनडीआरएफ की टीम तैनात है। गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब एक से डेढ़ फुट पानी है। एनडीआरएफ के मुताबिक पानी अब धीरे-धीरे नीचे उतर रहा है। टीम मौके पर रहकर जरूरतमंद लोगों की सहायता कर रही है। अंबेडकर नगर में डीएम और विधायक सुरेंद्र मैथानी ने प्रभावित परिवारों को राहत किट वितरित की। प्रशासन के मुताबिक अब तक करीब 500 परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि राहत शिविरों में न जाने वाले प्रभावित परिवारों को भी चिह्नित किया जाए और उनके घर तक राहत सामग्री पहुंचाई जाए।
रोज 400 लोगों के लिए कम्युनिटी किचन
प्रशासन की ओर से कम्युनिटी किचन चलाया जा रहा है, जिसके जरिए प्रतिदिन करीब 400 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जमा गंदगी और कचरे के निस्तारण के साथ एंटी-लार्वा और कीटाणुनाशक का छिड़काव कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को जरूरी दवाओं और पेयजल की गुणवत्ता पर निगरानी रखने को कहा गया है।


