- अब हर महीने मिलेंगे 3,500 रुपये, सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा का भी एलान, प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों को लाभ, मानदेय में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी
भारत 19/ बरेली। उत्तर प्रदेश में गांवों की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस की मदद करने वाले ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में उनका मासिक मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का भी एलान किया। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरी लाभान्वित होंगे।
हर महीने एक हजार रुपये की बढ़ोतरी
मानदेय में 1,000 रुपये की वृद्धि की गई है। इस तरह ग्राम प्रहरियों के मानदेय में करीब 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। अब उन्हें सालाना 30,000 रुपये के बजाय 42,000 रुपये मानदेय मिलेगा। यानी प्रत्येक ग्राम प्रहरी को एक साल में 12,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर सालाना करीब 84 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। इससे पहले ग्राम प्रहरियों को 2017 से पहले 1,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 2,500 रुपये किया गया था। अब एक बार फिर मानदेय में वृद्धि की गई है।
परिवार को भी पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की। इसका उद्देश्य बीमारी की स्थिति में इलाज के खर्च का बोझ कम करना है। हालांकि, इस सुविधा के लिए पात्रता, अस्पतालों और क्रियान्वयन की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग के दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।
गांवों की सुरक्षा में अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और समय रहते पुलिस को सूचना देने में उनकी भूमिका अहम है। ग्राम प्रहरी अपने क्षेत्र की गतिविधियों की जानकारी स्थानीय थाने तक पहुंचाएं, ताकि किसी संभावित घटना को रोकने के लिए समय पर कदम उठाए जा सकें। योगी ने ग्राम प्रहरियों से अफवाहों, वन्यजीवों से जुड़े संभावित खतरों और भू-माफिया की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम प्रहरी खुद किसी विवाद में उलझने या कार्रवाई करने के बजाय विश्वसनीय सूचना पुलिस तक पहुंचाएं।
थानों में ग्राम प्रहरियों के साथ नियमित बैठक के निर्देश
मुख्यमंत्री ने थानाध्यक्षों और क्षेत्रीय दरोगाओं को ग्राम प्रहरियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सप्ताह में कम से कम एक दिन बैठक कर गांवों की समस्याओं, संदिग्ध गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर चर्चा करने को कहा। इससे स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं पर समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने गृह विभाग को ग्राम प्रहरी के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और पुलिस व ग्राम प्रहरियों के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए भी कहा।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरी सम्मानित
बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया। उन्हें साफा पहनाकर और उपहार देकर उनके योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों की भूमिका पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। मानदेय में बढ़ोतरी और कैशलेस इलाज की घोषणा से ग्राम प्रहरियों को आर्थिक राहत और स्वास्थ्य सुरक्षा देने की पहल की गई है। अब इन सुविधाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभाग की विस्तृत व्यवस्था और दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।

