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उन्नाव साधु हत्याकांड: एक लाख का इनामी मुख्य आरोपी इसराइल पुलिस मुठभेड़ में ढेर

उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र में साधु राममिलन दास उर्फ बाबा मिलन दास की हत्या के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी इसराइल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने घेराबंदी के दौरान फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

UNNAO/ उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में चर्चित साधु राममिलन दास उर्फ बाबा मिलन दास हत्याकांड में सोमवार तड़के बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुलिस के अनुसार इस मामले का मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये का इनामी अपराधी इसराइल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह मामला 9 जून 2026 का है, जब बांगरमऊ क्षेत्र में रहने वाले साधु राममिलन दास की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस मुठभेड़ कैसे हुई?

उन्नाव के पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के अनुसार सोमवार तड़के करीब 3:40 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि एक लाख रुपये का इनामी आरोपी इसराइल ताजपुर अंडरपास के पास मौजूद है और किसी साथी का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के दौरान एसओजी के सिपाही विकास भदौरिया घायल हो गए, जबकि एक पुलिस अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगने से उनकी जान बच गई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें इसराइल घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

आरोपी पर था एक लाख रुपये का इनाम

पुलिस ने दो दिन पहले ही इसराइल पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। हत्या के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और उसकी तलाश में कई पुलिस टीमें लगी हुई थीं। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, कारतूस और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया है।

साधु की हत्या क्यों हुई थी?

मामले की जांच के दौरान सामने आए आरोपों के अनुसार साधु राममिलन दास अपने गांव में भगवान शिव का मंदिर बनवा रहे थे और नियमित रूप से वहां पूजा-अर्चना एवं भजन-कीर्तन करते थे। मृतक के परिजनों का आरोप है कि मंदिर परिसर में लाउडस्पीकर पर भजन बजाने को लेकर कुछ लोगों के साथ विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते साधु को कथित रूप से एक स्थान पर बुलाया गया और उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। हालांकि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और अन्य पहलुओं की जांच अभी पुलिस द्वारा की जा रही है।

पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं तीन आरोपी

इस मामले में पुलिस ने पहले ही मोहम्मद शफी, लल्ली उर्फ अजय गौतम और यामीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनके खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और संभावित साजिश के पहलुओं की जांच जारी है। साधु राममिलन दास के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई का स्वागत किया है। मृतक के भाई राजेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मामले के अन्य आरोपियों और कथित मास्टरमाइंड के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। परिजनों का आरोप है कि मंदिर निर्माण और धार्मिक गतिविधियों को लेकर पहले भी साधु को धमकियां मिल रही थीं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला

उन्नाव का यह हत्याकांड प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। पुलिस प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि हत्या के पीछे की परिस्थितियों और सभी आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके। उन्नाव साधु हत्याकांड में मुख्य आरोपी इसराइल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद मामले का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हुआ है, लेकिन जांच अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

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