कानपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और थाना जूही पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर गोवंशीय पशुओं की अवैध खरीद-फरोख्त और वध करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी घायल भी हुए। पुलिस ने गोवंशी पशु, अवैध हथियार और वध में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं।
कानपुर नगर में अपराध नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच और थाना जूही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गोवंशीय पशुओं की अवैध खरीद-फरोख्त और वध कर मांस बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग सस्ते दामों पर गोवंशी पशु खरीदकर उनका अवैध वध कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और कार्रवाई की योजना बनाई।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति गोवंशी पशु लेकर जूही क्षेत्र से गुजरेंगे और उनका वध करने की योजना बना रहे हैं। इसके बाद थाना जूही, क्राइम ब्रांच और अन्य इकाइयों की संयुक्त टीमों को सक्रिय किया गया। देर शाम जूही क्षेत्र में पुलिस टीमों ने घेराबंदी की। इसी दौरान कुछ लोग एक गोवंशी पशु को लेकर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन दो आरोपी मौके से फरार हो गए जबकि दो को गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामद हुए धारदार हथियार और गोवंशी पशु
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक गोवंशी पशु बरामद किया गया जिसके गले में रस्सी बंधी हुई थी। इसके अलावा दो प्लास्टिक बैगों में चापड़, चाकू और अन्य धारदार हथियार भी मिले। पकड़े गए आरोपियों ने अपनी पहचान श्याम जी तिवारी निवासी रायपुरवा और मोहम्मद आमिर निवासी चमनगंज के रूप में बताई। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे लोग गोवंशी पशुओं की खरीद-फरोख्त कर सुनसान स्थानों पर उनका वध कर मांस बेचते थे।
फरार आरोपियों की तलाश में चला अभियान
गिरफ्तार आरोपियों ने अपने दो साथियों मोहम्मद चाँद और मोहम्मद रेहान के नाम बताए, जो जूही परमपुरवा क्षेत्र के निवासी हैं। इसके बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कीं और आसपास के थानों को भी अलर्ट किया गया। अगले दिन मुखबिर की सूचना पर पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी स्वदेशी कॉटन मिल ग्राउंड के पास मौजूद हैं और भागने की तैयारी कर रहे हैं।
पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल हुए आरोपी
सूचना के आधार पर थाना जूही और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से एक-एक तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद किए गए।
गैंगस्टर समेत अन्य धाराओं में होगी कार्रवाई
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने भी गोवंशी पशुओं की खरीद-फरोख्त और मांस बिक्री में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोप पत्र दाखिल होने के बाद आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में भी कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त पुलिस अभियान बना सफलता की वजह
इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच, एडीसीपी ऑपरेशन टीम, एसीपी बाबूपुरवा, थाना जूही पुलिस और आसपास के थानों की पुलिस टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने इसे संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है। कानपुर पुलिस द्वारा गोवंशीय पशुओं की अवैध खरीद-फरोख्त और वध से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश कानून व्यवस्था और पशु संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।



