कानपुर से सांसद रमेश अवस्थी ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात कर एडवांस वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड में कार्यरत ठेका एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। उन्होंने श्रम कानूनों के उल्लंघन, आर्थिक शोषण और बोनस भुगतान में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठा ठेका श्रमिकों के उत्पीड़न का मामला
Kanpur/ कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया से शिष्टाचार भेंट के दौरान एडवांस वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) में कार्यरत ठेका और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सांसद ने कहा कि उन्हें लंबे समय से ठेका श्रमिकों के उत्पीड़न, आर्थिक शोषण तथा श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिन पर गंभीरता से कार्रवाई की आवश्यकता है।
सांसद रमेश अवस्थी के अनुसार कंपनी में कार्यरत कई ठेका श्रमिकों ने बोनस और अन्य देय भुगतान में कथित अनियमितताओं, अवैध वसूली तथा कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाए जाने जैसी शिकायतें की हैं। उनका कहना है कि इन शिकायतों की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों या पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
श्रम कानूनों का लाभ सभी कर्मचारियों तक पहुंचाने की मांग
सांसद ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानूनों और श्रमिक कल्याण संबंधी प्रावधानों का लाभ केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि ठेका और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को भी समान रूप से मिले।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत ठेका श्रमिक उत्पादन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में उनके वेतन, बोनस, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना आवश्यक है।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय बढ़ाने का भी रखा प्रस्ताव
बैठक के दौरान सांसद रमेश अवस्थी ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए इन कर्मचारियों के पारिश्रमिक की समीक्षा की जानी चाहिए ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
सांसद के अनुसार केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने उनकी सभी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने मंत्रालय स्तर पर इन मुद्दों पर शीघ्र विचार करने का आश्वासन दिया। सांसद ने यह भी बताया कि मंत्री ने विशेष रूप से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख व्यक्त किया और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर विचार करने की बात कही।
ठेका और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्रों में चर्चा का विषय रहे हैं। कानपुर के सांसद द्वारा इस मामले को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के समक्ष उठाए जाने से संबंधित कर्मचारियों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। फिलहाल केंद्रीय मंत्री की ओर से मंत्रालय स्तर पर मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई और किसी संभावित जांच या निर्णय पर सभी संबंधित पक्षों की नजर रहेगी।


