- माघ मेला 2027 से पहले प्रयागराज, काशी और अयोध्या को धार्मिक सर्किट के रूप में जोड़ने की तैयारी; श्रद्धालुओं के लिए परिवहन सेवा बढ़ाने के साथ पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर भी फोकस
प्रयागराज। माघ मेला 2027 से पहले प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं के लिए काशी और अयोध्या की यात्रा आसान बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या को जोड़कर धार्मिक सर्किट विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत संगम स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को काशी और अयोध्या तक पहुंचाने के लिए परिवहन व्यवस्था मजबूत करने पर विचार किया जा रहा है।
संगम के बाद काशी-अयोध्या जाने की सुविधा
योजना का मुख्य उद्देश्य माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रयागराज के साथ वाराणसी और अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का विकल्प देना है। इसके लिए तीनों शहरों के बीच परिवहन सेवा को लेकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा। सेवा का अंतिम स्वरूप और संचालन व्यवस्था अभी तय की जानी है। इस व्यवस्था से श्रद्धालु संगम में स्नान और माघ मेले में धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के बाद काशी और अयोध्या की यात्रा भी कर सकेंगे।
पार्किंग और यातायात व्यवस्था भी बढ़ेगी
धार्मिक सर्किट के कारण प्रयागराज में वाहनों और यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पार्किंग और यातायात प्रबंधन पर भी जोर दिया जा रहा है। मेला क्षेत्र में आने-जाने वाले वाहनों के लिए पार्किंग क्षमता बढ़ाने और यातायात को व्यवस्थित रखने की योजना तैयार की जा रही है। माघ मेला 2027 की तैयारियों में सड़क, पुल, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी समय से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मेला क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर भी फोकस
माघ मेले के दौरान प्रयागराज में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए सड़क और रेल यातायात के साथ शहर के भीतर आने-जाने की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की तैयारी है। रेलवे स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, यात्रियों के आवागमन के अलग-अलग रास्ते और अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था जैसे विकल्पों पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मेला अवधि में भीड़ को एक जगह जमा होने से रोकना और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखना है।
20 दिसंबर तक तैयारियों का लक्ष्य
माघ मेला 2027 की तैयारियों को समय से पूरा करने के लिए अधिकारियों को अलग-अलग कामों की समयसीमा दी गई है। प्रशासन ने जरूरी निर्माण और व्यवस्थाओं को मेला शुरू होने से पहले पूरा करने पर जोर दिया है। धार्मिक सर्किट के लिए भी परिवहन विभाग, मेला प्रशासन और संबंधित जिला प्रशासन के बीच समन्वय किया जाएगा। रूट, बसों की संख्या और संचालन का अंतिम फैसला आगे की बैठकों में होने की संभावना है।
तीन धार्मिक नगरियों को जोड़ने की कवायद
प्रयागराज, काशी और अयोध्या उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केंद्र हैं। माघ मेले के दौरान प्रयागराज में जुटने वाली बड़ी संख्या को देखते हुए इन तीनों शहरों को एक यात्रा क्रम में जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल यह योजना तैयारी और समन्वय के चरण में है। परिवहन सेवा का अंतिम खाका तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि श्रद्धालुओं के लिए कितने रूट, कितनी बसें और किस तरह की अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।


