- मनीष सिसोदिया, पिनाराई विजयन, एमए बेबी और माणिक सरकार समेत कई नेताओं पर कार्रवाई, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में प्रदर्शन से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, TMC और CPI(M) नेताओं को भी हिरासत में लिया गया
भारत 19/ नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। इनमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और CPI(M) की नेता वृंदा करात समेत कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे शामिल हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर नेताओं को रोका। इस कार्रवाई में तृणमूल कांग्रेस (TMC), आम आदमी पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) से जुड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं।
पिनाराई विजयन, वृंदा करात और CPI(M) के कई नेता हिरासत में
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए नेताओं में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, CPI(M) महासचिव एमए बेबी, केरल CPI(M) के राज्य सचिव एमवी गोविंदन, ए विजयराघवन, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, केएन बालगोपाल, वृंदा करात, केके शैलजा और पीके श्रीमति शामिल हैं। इन नेताओं को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने के दौरान या प्रदर्शन स्थल की ओर जाते समय हिरासत में लिए जाने की खबर है। CPI(M) ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नेताओं को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया है।
ममता बनर्जी के साथ TMC नेताओं पर भी कार्रवाई
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी के अलावा पार्टी के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन और प्रतिमा मंडल के नाम भी हिरासत में लिए गए नेताओं की रिपोर्टेड सूची में शामिल हैं। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान TMC नेताओं को पुलिस ने रोका।
मनीष सिसोदिया और गोपाल राय भी हिरासत में
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और गोपाल राय का नाम भी पुलिस कार्रवाई से जुड़ी खबरों में सामने आया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मनीष सिसोदिया को पंजाब में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ में हिरासत में लिया गया। गोपाल राय को दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के दौरान रोके जाने की खबर है।
माणिक सरकार समेत अन्य विपक्षी नेताओं के नाम भी शामिल
त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार का नाम भी हिरासत में लिए गए नेताओं की सूची में सामने आया है। विभिन्न रिपोर्टों में CPI(M) के वरिष्ठ नेताओं और अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों पर पुलिस कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। हालांकि, सभी नेताओं की हिरासत की अवधि और मौजूदा स्थिति के बारे में एक समान आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
SIR विवाद के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की शिकायतें हैं। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की। हिरासत की कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों और पुलिस के बीच टकराव का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। दिल्ली में हुई कार्रवाई के बाद अब हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई, पुलिस के आधिकारिक स्पष्टीकरण और विपक्ष की आगे की रणनीति पर नजर रहेगी।


