- एबिलिटी 360 को मिला पहला पुरस्कार, एग्रीरक्षक से स्किलब्रिज तक छह स्टार्टअप आइडिया पेश, एआईटीडी के विद्यार्थियों ने तकनीक से समस्याओं के समाधान और उद्यमिता के गुर सीखे
भारत 19/ कानपुर। डॉ. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन (एआईटीडी), कानपुर के आइडियाओत्सव 3.0 में दिव्यांगजनों के लिए सुलभ तकनीक पेश करने वाली एबिलिटी 360 टीम ने पहला स्थान हासिल किया। शिवम शेठ के नेतृत्व वाली टीम ने शिक्षा, रोजगार और डिजिटल सेवाओं को दिव्यांगजनों के लिए अधिक सुलभ बनाने का विचार प्रस्तुत किया। दो दिवसीय आयोजन में विद्यार्थियों ने कृषि में एआई और ड्रोन के इस्तेमाल से लेकर पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास और स्थानीय उत्पादों के विपणन तक छह स्टार्टअप आइडिया पेश किए।
एग्रीरक्षक से रीजनल रूट्स तक नवाचार
एग्रीरक्षक के तहत आयुष शुक्ला ने एआई और ड्रोन से फसलों में बीमारियों की शुरुआती पहचान का विचार रखा। अनुराग कुमार ने प्लास्टिक प्रदूषण घटाने के लिए रिमूव प्लास्टिक, सेव इंडिया प्रस्तुत किया। गौरव मिश्रा की जीएमडी टेक वेबसाइट और वेब डेवलपमेंट सेवाओं, जबकि आदित्य तिवारी की स्किलब्रिज विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, कौशल विकास और करियर अवसरों से जोड़ने पर केंद्रित रही। अनीश गुप्ता के रीजनल रूट्स ने क्षेत्रीय नमकीन और स्थानीय खाद्य उत्पादों के विपणन का प्रस्ताव दिया।
वाद-विवाद और विशेषज्ञों से सीखे उद्यमिता के गुर
संस्थान के उद्यमिता प्रकोष्ठ (ई-सेल) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उद्यमिता वाद-विवाद और ‘स्टार्टअप परिसर’ गतिविधि में हिस्सा लिया। उन्होंने पार्किंग प्रबंधन और परिसर की दूसरी समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशे। विशेषज्ञ वार्ता में सुश्री रोसी मंडोली और डॉ. शिल्पा देशपांडे कैस्था ने नए विचारों को स्टार्टअप में बदलने, कारोबारी संभावनाएं पहचानने और व्यावहारिक योजना बनाने के तरीके बताए।
पांच सदस्यीय एबिलिटी 360 टीम को मिला सम्मान
विजेता टीम में शिवम शेठ के साथ समीक्षा शर्मा, पियूष साहू, सत्यम त्रिपाठी और विष्णुकांत राय शामिल रहे। प्रस्तुतियों का मूल्यांकन नवीनता, उपयोगिता और व्यावहारिक संभावनाओं के आधार पर किया गया। संस्थान के अधिकारियों और विभागाध्यक्षों ने विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप स्थापना के लिए प्रोत्साहित किया।

