Hot Topics

मुरादाबाद के 712 किमी रेल ट्रैक पर कवच 4.0 मंजूर

  • रेलवे ने ₹170 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी; स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली खतरे के सिग्नल पर ट्रेन को रोकने और गंभीर स्थिति में गति नियंत्रित करने में मदद करेगी
    भारत 19
    नई दिल्ली। रेल यात्रियों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे ने मुरादाबाद मंडल के शेष 712 रूट किलोमीटर रेलखंड पर कवच 4.0 लगाने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर ₹170 करोड़ खर्च होंगे। स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली की तैनाती से इन रेलखंडों पर ट्रेन संचालन को सुरक्षा की अतिरिक्त तकनीकी परत मिलेगी।

खतरे के सिग्नल पर खुद सक्रिय होगा कवच

कवच देश में विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसका मकसद ट्रेन संचालन के दौरान मानवीय चूक से होने वाले जोखिम को कम करना है। यदि ट्रेन खतरे वाले सिग्नल को पार करने की स्थिति में पहुंचती है तो कवच हस्तक्षेप कर सकता है। जरूरत पड़ने पर यह स्वचालित रूप से ब्रेक लगाने और गंभीर परिस्थितियों में ट्रेन की गति नियंत्रित करने में मदद करता है। इससे संभावित टक्कर का जोखिम कम करने में सहायता मिलती है।

मुरादाबाद मंडल के बचे हिस्से में विस्तार

रेलवे के मुताबिक, नई परियोजना मुरादाबाद मंडल के उन 712 रूट किलोमीटर को कवर करेगी, जहां कवच 4.0 की तैनाती अभी बाकी है। ₹170 करोड़ की मंजूरी के साथ इन हिस्सों के सुरक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह कदम भारतीय रेलवे के देशभर में कवच का दायरा बढ़ाने और सिग्नलिंग तथा ट्रेन सुरक्षा प्रणालियों के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना का हिस्सा है।

कवच 4.0 का देशभर में बढ़ रहा दायरा

रेलवे कवच को चरणबद्ध तरीके से महत्वपूर्ण रेलमार्गों पर लागू कर रहा है। सरकार की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक 31 जुलाई 2026 तक कवच 4.0 को 2,633 रूट किलोमीटर पर चालू किया जा चुका था। इनमें दिल्ली-मुंबई मार्ग के 1,423 और दिल्ली-हावड़ा मार्ग के 1,210 रूट किलोमीटर शामिल हैं। इसके अलावा कवच की ट्रैकसाइड तैनाती का काम 21,794 रूट किलोमीटर पर लिया गया है। इस परियोजना के तहत ऑप्टिकल फाइबर केबल, दूरसंचार टावर, स्टेशन डेटा सेंटर और ट्रैकसाइड उपकरण जैसे जरूरी ढांचे भी विकसित किए जा रहे हैं।

ट्रेन सुरक्षा में तकनीक पर बढ़ा जोर

कवच 4.0 के विस्तार का उद्देश्य सिर्फ दुर्घटना की स्थिति में ब्रेक लगाना नहीं है। यह ट्रेन संचालन में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सिग्नल की अनदेखी और गंभीर परिस्थितियों में गति नियंत्रण जैसी सुविधाएं लोको पायलट को अतिरिक्त सुरक्षा सहायता उपलब्ध कराती हैं।

Tags :

Bharat 19 News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News