उत्तर प्रदेश/ विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि बार-बार व्यवधान उत्पन्न कर सदन का समय नष्ट करना जनता के धन का दुरुपयोग है। साथ ही उन्होंने पीडब्ल्यूडी की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विधान परिषद में 9 अध्यादेश और 68 नियम-विनियम रखे; पीडब्ल्यूडी की उच्चस्तरीय समीक्षा कर अधिकारियों को दिए समयबद्ध जवाब और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के बीच उप मुख्यमंत्री एवं विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को विपक्ष से सदन की गरिमा बनाए रखने और कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार सदन को नियमों के अनुरूप और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन बार-बार व्यवधान उत्पन्न कर सदन का समय नष्ट करना जनता के धन का दुरुपयोग है।
विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान श्री मौर्य ने सदन के पटल पर 9 अध्यादेश तथा 68 नियम एवं विनियम प्रस्तुत किए। उन्होंने विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। उनका कहना था कि विधान परिषद लोकतांत्रिक विमर्श का महत्वपूर्ण मंच है और इसकी गरिमा बनाए रखना सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की समान जिम्मेदारी है।
‘हर सवाल का जवाब सरकार के पास’
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि ऐसा कोई सवाल नहीं है जिसका जवाब सरकार के पास न हो। उन्होंने विपक्ष से तथ्यात्मक बहस करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने और चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश ने अंधकार, अव्यवस्था और कुशासन का दौर देखा, जबकि वर्तमान सरकार कानून-व्यवस्था, पारदर्शिता और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध और धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों के दुरुपयोग के मामलों में सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विधान परिषद के सवालों पर पीडब्ल्यूडी की मैराथन समीक्षा
सदन की कार्यवाही के बाद उप मुख्यमंत्री ने विधानसभा स्थित अपने कक्ष में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विधान परिषद में विभाग से जुड़े मुद्दों और सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों के त्वरित, तथ्यात्मक और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा करना था।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, सचिव तथा विभाग के प्रमुख अभियंताओं समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। श्री मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधान परिषद और विधानसभा में उठाए गए प्रत्येक प्रश्न का समयबद्ध, तथ्यपरक और संतोषजनक उत्तर तैयार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों और विभागीय परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
गड्ढामुक्त सड़कें और परियोजनाओं की गुणवत्ता पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने विभाग की सभी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि गड्ढामुक्त सड़क अभियान, नए पुलों के निर्माण और ग्रामीण संपर्क मार्गों से जुड़े कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सदन में उठने वाले प्रत्येक जनहित के मुद्दे को केवल जवाब देने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसका समाधान धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए।
विकास और जवाबदेही पर सरकार का फोकस
श्री मौर्य ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल सदन में जवाब देना नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विपक्ष से पुनः आग्रह किया कि वह सदन की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय रचनात्मक चर्चा में भाग लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाए।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की। साथ ही उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों और परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।


