कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र के पुरवामीर गांव में रक्षाबंधन की सुबह दर्दनाक हादसा हुआ।
18 वर्षीय यशी आंगन की जमीन धंसने के बाद गहरे गड्ढे में गिर गई, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन और राहत दल बचाव में जुटे हैं।
Bharat 19/ कानपुर। रक्षाबंधन की सुबह जहां घरों में भाई-बहन के प्रेम और त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहीं महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में एक हादसे ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया। 18 वर्षीय यशी अपने भाई को राखी बांधने से पहले ही अचानक गहरे गड्ढे में गिर गई।
जानकारी के अनुसार, यशी सुबह नहाने के बाद कजलिया तालाब में कजलिया प्रवाहित करने के लिए घर से बाहर निकल रही थी। इसी दौरान घर के आंगन में अचानक जमीन धंस गई और वह उसके साथ नीचे चली गई।

तीन साल पुरानी बोरिंग से जुड़ी आशंका
यशी के पिता विनोद सविता के अनुसार, करीब तीन वर्ष पहले घर के अंदर बोरिंग कराई गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हुई थी। बाद में दूसरी जगह बोरिंग कराई गई। परिवार के अनुसार, पुराना बोरवेल पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाया था।
आशंका जताई जा रही है कि इसी पुराने बोरवेल वाले स्थान पर जमीन धंसने के कारण हादसा हुआ। हालांकि जमीन धंसने की वास्तविक वजह और गड्ढे की स्थिति की पुष्टि राहत-बचाव अभियान तथा प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
चीख-पुकार सुनकर जुटे ग्रामीण
हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और यशी को बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल द्वारा युवती को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
रक्षाबंधन की खुशियां चिंता में बदलीं
जिस घर में रक्षाबंधन को लेकर तैयारियां चल रही थीं, वहां हादसे के बाद सन्नाटा पसर गया। परिवार की नजर बचाव अभियान पर टिकी है। ग्रामीण भी घटनास्थल के आसपास मौजूद हैं और यशी के सुरक्षित बाहर आने की दुआ कर रहे हैं।
पुराने बोरवेल की सुरक्षा पर भी सवाल
घटना ने घरों और आसपास मौजूद पुराने या निष्क्रिय बोरवेल को सुरक्षित रखने की जरूरत पर भी सवाल खड़ा किया है। यदि किसी पुराने बोरवेल को उपयोग में नहीं लिया जा रहा है तो उसे सुरक्षित तरीके से बंद करना जरूरी है, ताकि जमीन धंसने या किसी व्यक्ति के गिरने जैसी दुर्घटना की आशंका कम की जा सके।
पुरवामीर गांव में रक्षाबंधन के दिन हुआ यह हादसा परिवार के लिए बेहद मुश्किल घड़ी बन गया है। फिलहाल प्राथमिकता 18 वर्षीय यशी को सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव अभियान पूरा होने और प्रशासनिक जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह तथा पुराने बोरवेल की स्थिति को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।
