- सितंबर में चार दिन की देशव्यापी हड़ताल, कानपुर में बैंक कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
Bharat 19 कानपुर। पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग पर बैंक कर्मचारी और अधिकारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। दो वर्ष से अधिक समय से लंबित मांग पर फैसला न होने से यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने आंदोलन का बड़ा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। सितंबर में दो चरणों में अखिल भारतीय हड़ताल के बाद भी मांगों पर बात नहीं बनी तो 26 अक्टूबर 2026 से बैंक कर्मचारी और अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
गुरुवार को बड़ा चौराहा स्थित इंडियन बैंक के सामने प्रदर्शन कर बैंक कर्मियों ने साफ कर दिया कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा। प्रदर्शन के दौरान पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करो और भेदभावपूर्ण पीएलआई योजना वापस लो जैसे नारे लगाए गए।
दो साल से इंतजार, अब आंदोलन होगा तेज
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के स्थानीय संयोजक रजनीश गुप्ता के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कर्मचारियों और अधिकारियों ने लंबित मांगों को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। रजनीश गुप्ता ने कहा कि बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने लंबे संघर्ष और सामूहिक प्रयासों से अपने सेवा अधिकार हासिल किए हैं। ऐसे में अब जरूरत है कि सभी कर्मचारी और अधिकारी मतभेद भुलाकर एकजुट हों और बैंकिंग क्षेत्र के हितों के साथ अपने न्यायपूर्ण अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ें। उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग को लेकर दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। जब इस मुद्दे पर सहमति बन चुकी है तो अब केवल घोषणा और उसे लागू किया जाना बाकी है। इसके बावजूद कर्मचारियों को उनके जायज अधिकार से दूर रखा जा रहा है।
पहले चार दिन की हड़ताल, फिर अनिश्चितकालीन आंदोलन
बैंक यूनियनों ने मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत 11 सितंबर 2026 को एक दिन की अखिल भारतीय हड़ताल होगी। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिन बैंक कर्मचारी और अधिकारी देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। यानि पांच दिवसीय बैंकिंग समेत लंबित मांगों पर जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है।
पीएलआई से पेंशन तक, कई मांगें अभी लंबित
फोरम के सह संयोजक प्रवीण मिश्रा, जय प्रकाश मिश्रा और अंकुर द्विवेदी ने कहा कि मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। बैंक कर्मचारी और अधिकारी बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं, लेकिन एकतरफा और भेदभावपूर्ण नीतियों को स्वीकार नहीं करेंगे। फोरम से जुड़े विनय गोयनका ने कहा कि कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें अभी भी लंबित हैं। इनमें पेंशन का अद्यतनीकरण और सुधार तथा सभी पेंशनरों के लिए समान महंगाई भत्ता भी शामिल है। प्रदर्शन में मनोज तिवारी, एसके मिश्रा, राजकुमार, सुनील शुक्ला समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।
आंदोलन का पूरा कार्यक्रम
11 सितंबर 2026 : अखिल भारतीय बैंक हड़ताल
28, 29 और 30 सितंबर 2026 : लगातार तीन दिन अखिल भारतीय हड़ताल
26 अक्टूबर 2026 से : मांगें न मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

