- कानपुर के रेल बाजार में तीन निर्माण इकाइयों पर छापा, 3200 कच्चे समोसे और 25 किलो आलू मसाला नष्ट; एक इकाई सील और 2384 किलो मैदा सीज
भारत 19
कानपुर। रेलवे की कैंटीनों और दुकानों तक पहुंचने वाले समोसों की गुणवत्ता पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को रेल बाजार में तीन समोसा निर्माण इकाइयों की जांच के दौरान डेढ़ क्विंटल सड़ा आलू मिला। कई जगह तैयार खाद्य सामग्री अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी मिली। कार्रवाई के दौरान कुल 3200 बिना तले समोसे और 25 किलो तैयार आलू मसाला नष्ट कराया गया। एक निर्माण इकाई को सील कर दिया गया, जबकि 48 बोरियों में रखा 2384 किलो मैदा सीज किया गया।
कार्रवाई जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर की गई। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II संजय प्रताप सिंह के मुताबिक क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी से मिली सूचना के बाद मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत रेल बाजार स्थित समोसा निर्माण इकाइयों की जांच की।
डेढ़ क्विंटल सड़ा आलू, 400 समोसे नष्ट
पहली कार्रवाई निर्मल कुमार मिश्र की समोसा निर्माण इकाई में हुई। यहां जांच के दौरान करीब 150 किलो सड़ा आलू और 400 बिना तले समोसे मिले। खाद्य सुरक्षा टीम ने दोनों को मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके अलावा मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और तैयार समोसे के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए।
लाइसेंस नहीं मिला, 800 समोसे नष्ट कर सील
दूसरी इकाई बन्टू यादव की थी। यहां कर्मचारी और मजदूर खाद्य पदार्थ तैयार करते मिले। जांच के दौरान 800 बिना तले समोसे और पांच किलो आलू मसाला अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा मिला। टीम ने इन्हें भी नष्ट कराया। अधिकारियों के मुताबिक संचालक को मौके पर बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। खाद्य लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद निर्माण इकाई को सील कर दिया गया।
2000 समोसे और 20 किलो आलू मसाला मिला
हाता नंबर-दो स्थित मोहम्मद शोएब की इकाई में 2000 बिना तले समोसे और 20 किलो तैयार आलू मसाला अस्वच्छ स्थिति में मिला। इन्हें भी मौके पर नष्ट कराया गया। टीम ने यहां से मैदा, रिफाइंड पामोलिन ऑयल और समोसा मसाला-आलू के तीन नमूने लिए। इसी परिसर में 48 बोरियों में रखा 2384 किलो मैदा भी मिला, जिसे टीम ने सीज कर दिया।
छह नमूने भेजे जाएंगे प्रयोगशाला
खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक तीनों इकाइयों से कुल छह नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि तीनों इकाइयों में तैयार होने वाले समोसों की रेलवे की कैंटीनों और दुकानों में सप्लाई होने की जानकारी विभाग ने दी है। ऐसे में कार्रवाई केवल तीन निर्माण इकाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे से जुड़े खाद्य कारोबार की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करती है।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा जांच तेज
त्योहारों के मौसम से पहले कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों और निर्माण इकाइयों की जांच तेज की है। हाल के अभियानों में खोया, मसाले और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर भी कार्रवाई की गई है। समोसा निर्माण इकाइयों पर हुई यह कार्रवाई इसी अभियान की कड़ी मानी जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की मौजूदा कार्रवाई से साफ है कि निगरानी अब सिर्फ दुकानों में बिकने वाले तैयार खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं है। खाद्य सामग्री कहां तैयार हो रही है, कच्चा माल किस स्थिति में रखा है और वहां से तैयार सामान कहां पहुंच रहा है, इन पहलुओं की भी जांच की जा रही है।


