कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में कथित देसी बम हमले के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल धीरे चलाने को लेकर हुए विवाद के बाद 20 जून को हमला किया गया था।
घटना में शिकायतकर्ता बच गया, लेकिन एक मकान की दीवार क्षतिग्रस्त हुई। पुलिस ने घटनास्थल से विस्फोट से जुड़े अवशेष और एक संदिग्ध गेंदनुमा वस्तु बरामद करने की बात कही है।
KANPUR/ कानपुर नगर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में कथित देसी बम फेंककर हमला करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई की जानकारी 21 जून 2026 को जारी प्रेस नोट में दी।
पुलिस के अनुसार, यह मामला मोटरसाइकिल धीरे चलाने को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राहुल यादव ने आरोप लगाया कि विवाद के बाद तीन लोगों ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से उस पर देसी बम फेंका।
घटना 20 जून 2026 की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान शिकायतकर्ता बाल-बाल बच गया। हालांकि, विस्फोट से पास के एक मकान की दीवार को नुकसान पहुंचा।
तीन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवा यादव और पारस ठाकुर के रूप में बताई गई है। दोनों को गंगा अपार्टमेंट के पास से गिरफ्तार करने की जानकारी दी गई है।
तीसरे आरोपी की पहचान शान तिवारी के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, वह अभी फरार है। उसकी तलाश जारी है।
प्रेस नोट के मुताबिक, शिवा यादव की उम्र करीब 21 वर्ष है। वहीं, पारस ठाकुर की उम्र करीब 19 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने कहा कि दोनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता राहुल यादव का आरोप है कि मोटरसाइकिल धीरे चलाने की बात पर कहासुनी हुई थी। इसके बाद तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर एक राय होकर हमला किया।
प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने देसी बम फेंका। विस्फोट से शिकायतकर्ता को नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, पास में स्थित पिंकी श्रीवास्तव के मकान की दीवार क्षतिग्रस्त होने की बात दर्ज की गई है।
पुलिस ने यह भी कहा कि घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। शिकायतकर्ता की तहरीर पर कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच के लिए पुलिस टीम गठित की गई।
घटनास्थल से क्या-क्या मिला?
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण फील्ड यूनिट की मदद से किया। प्रेस नोट के अनुसार, टीम को विस्फोट से जुड़े कई अवशेष मिले हैं।
इनमें जले हुए छर्रे, काले रंग की टेप के अवशेष और लोहे की कीलें शामिल हैं। पुलिस ने प्लास्टिक की गेंद के टुकड़े भी बरामद किए हैं।
इसके अलावा, एक गेंदनुमा वस्तु मिलने की जानकारी दी गई है। उस पर काले रंग की टेप लगी होने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, उसके भीतर कुछ पदार्थ होने की आशंका है।
मकान की क्षतिग्रस्त दीवार से कॉटन स्वैब भी लिया गया है। इन वस्तुओं की जांच के बाद ही विस्फोटक सामग्री और घटना के तरीके पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?
कल्याणपुर थाने में दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं। इसके साथ ही विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धाराएं 3 और 4 भी शामिल की गई हैं।
पुलिस के प्रेस नोट में मुकदमा संख्या 340/2026 का उल्लेख है। इसमें बीएनएस की धारा 109(1), 352, 351(3) और 3(5) के तहत कार्रवाई की बात कही गई है।
किसी भी आरोपी के दोषी या निर्दोष होने का फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।
पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी
मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कल्याणपुर थाने की एक टीम बनाई गई थी। टीम में उपनिरीक्षक सचिन कुमार लाटी, उपनिरीक्षक बालेंद्र कुमार और उपनिरीक्षक प्रशांत पटेरिया शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल पवन कुमार भी कार्रवाई में शामिल रहे। टीम ने घटनास्थल की जांच की और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई।
इसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब फरार बताए गए तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
कल्याणपुर बम विस्फोट मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिर भी, जांच अभी पूरी नहीं हुई है। बरामद वस्तुओं की वैज्ञानिक जांच और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
पुलिस के लिए यह भी अहम होगा कि कथित बम किसने तैयार किया और उसमें किस सामग्री का इस्तेमाल हुआ। इसके अलावा, पुलिस घटना से पहले हुए विवाद और सभी आरोपियों की भूमिका की भी जांच करेगी।


