कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में कथित अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाली समाजवादी पार्टी की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रचना सिंह गौतम ने धमकी और रास्ता रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने शिवराजपुर थाने में नामजद तहरीर देकर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत मिल गई है और आरोपियों की तलाश के लिए टीम भेजी गई है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
KANPUR/ कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रचना सिंह गौतम ने आरोप लगाया है कि खनन के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उन्हें डराने, धमकाने और जान से मारने की चेतावनी दी गई।
रचना सिंह गौतम ने शिवराजपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन माफिया से जुड़े लोगों ने उन्हें रास्ते में घेरकर धमकाया। तहरीर में एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रौतापुर खुर्द में मिट्टी खनन का मुद्दा उठाने का दावा
सपा नेता रचना सिंह गौतम का कहना है कि उन्होंने हाल में रौतापुर खुर्द क्षेत्र में हो रहे कथित अवैध मिट्टी खनन का मुद्दा उठाया था। उनके अनुसार, सिल्ट हटाने के नाम पर मिट्टी निकाली जा रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस गतिविधि से किसानों की जमीनों को नुकसान पहुंच रहा था। रचना सिंह गौतम ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाया। इसके साथ ही, उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी शिकायत की थी।
उनका दावा है कि इसके बाद से उन पर दबाव बनाया जाने लगा। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार विरोध बंद करने के लिए कहा जा रहा था। हालांकि, इस संबंध में आरोपित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वीरामऊ गांव के पास गाड़ी रोकने का आरोप
तहरीर के अनुसार, सोमवार शाम रचना सिंह गौतम एक कार्यक्रम से लौट रही थीं। इसी दौरान वीरामऊ गांव के पास उनकी गाड़ी को कथित तौर पर रोक लिया गया।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि वैगनआर कार और बाइक से आए कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। उन्होंने तहरीर में सुबोध, सूरज सविता और सत्येंद्र राठौर समेत कुछ लोगों का नाम लिया है। इसके अलावा, छह से सात अज्ञात लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है।
रचना सिंह गौतम के अनुसार, आरोपितों ने सार्वजनिक रूप से उनके साथ अभद्रता की। उन्होंने दावा किया कि खनन के खिलाफ आवाज उठाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। उनके मुताबिक, उन्हें जान से मारने की चेतावनी भी दी गई।
जातिसूचक टिप्पणी और अश्लील व्यवहार का आरोप
रचना सिंह गौतम ने तहरीर में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से आती हैं और इसी आधार पर उन्हें अपमानित किया गया।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके साथ अश्लील व्यवहार भी किया। उनका कहना है कि घटना के बाद वह और उनके सहयोगी भयभीत हैं। इस कारण उन्होंने पुलिस से तत्काल सुरक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
तहरीर के अनुसार, शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और उनके समर्थक मौके पर पहुंच गए। लोगों को आते देख आरोपित वहां से चले गए। रचना सिंह गौतम का आरोप है कि जाते समय भी आरोपितों ने दोबारा विरोध करने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी।
शिवराजपुर पुलिस ने शुरू की जांच
शिवराजपुर थाना प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस टीम भेजी गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है। यदि सीसीटीवी फुटेज या अन्य साक्ष्य उपलब्ध होते हैं, तो उनकी भी जांच की जाएगी।
थाना प्रभारी ने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज हो चुका है या जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।
राजनीति में भी गरमाया मामला
रचना सिंह गौतम समाजवादी पार्टी की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रह चुकी हैं। इसलिए इस घटना के बाद बिल्हौर क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है।
सपा नेताओं और समर्थकों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि कथित अवैध खनन के मुद्दे पर आवाज उठाने वालों को सुरक्षा मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से अभी तक खनन संबंधी आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं आया है।
कथित अवैध खनन का मुद्दा पहले भी ग्रामीण क्षेत्रों में विवाद का कारण बनता रहा है। ऐसे मामलों में पर्यावरण, किसानों की जमीन और स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल उठते हैं। इसलिए इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जांच से स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
इस मामले में दो अलग पहलू सामने आए हैं। पहला, रचना सिंह गौतम द्वारा लगाया गया धमकी और हमले की साजिश का आरोप। दूसरा, रौतापुर खुर्द क्षेत्र में कथित अवैध खनन का मुद्दा।
पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गाड़ी रोकने की घटना में कौन लोग शामिल थे। साथ ही, तहरीर में लगाए गए जातिसूचक टिप्पणी और धमकी के आरोपों की भी जांच होगी।
खनन से जुड़े आरोपों की जांच प्रशासनिक स्तर पर होती है या नहीं, यह भी आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा। फिलहाल पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और जांच जारी है।
बिल्हौर में कथित अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने को लेकर सपा नेता रचना सिंह गौतम के साथ धमकी और अभद्रता के आरोप ने मामला गंभीर बना दिया है। उन्होंने नामजद तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब गवाहों के बयान, संभावित वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि और कानूनी कार्रवाई का फैसला होगा।

