- 10 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने को 18 कैरेट बताकर ज्वेलर्स को बेचने की कोशिश, फर्जी HUID के इस्तेमाल का आरोप, महिला एजेंट के जरिए कारोबारियों तक पहुंचने का मामला सामने आया
भारत 19/ कानपुर। त्योहारों के सीजन में सराफा कारोबारियों को निशाना बनाने के लिए फर्जी हॉलमार्क का इस्तेमाल कर सोने की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 10 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के आभूषणों को 18 कैरेट का बताकर दूसरे ज्वेलर्स को बेचने की कोशिश की गई। आभूषणों पर कथित रूप से फर्जी हॉलमार्क और हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) का इस्तेमाल किया गया, जबकि एक महिला एजेंट के जरिए कारोबारियों तक पहुंचने की बात सामने आई है। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कारोबारियों को सतर्क रहने और खरीद से पहले भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के आधिकारिक माध्यम से HUID सत्यापित करने की सलाह दी है।
10 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने को 18 कैरेट बताने का आरोप
बताया जा रहा है कि कुछ आभूषणों में करीब 10 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना होने के बावजूद उन पर कथित रूप से फर्जी हॉलमार्क और HUID का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इन्हें 18 कैरेट का बताकर दूसरे कारोबारियों को बेचने की कोशिश की गई। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला सराफा कारोबार में गुणवत्ता सत्यापन और आपसी विश्वास से जुड़ी गंभीर चिंता पैदा कर सकता है। आभूषणों की वास्तविक शुद्धता और उन पर दर्ज हॉलमार्क व HUID की प्रमाणिकता की पुष्टि संबंधित जांच और परीक्षण से ही हो सकेगी।
त्योहारों में खरीद-बिक्री बढ़ने पर ज्वेलर्स को सतर्कता की सलाह
त्योहारों के दौरान सराफा बाजार में आभूषणों की मांग बढ़ने के साथ थोक और कारोबारी लेनदेन भी तेज हो जाता है। इस दौरान एजेंटों या अनजान व्यक्तियों से पर्याप्त जांच-पड़ताल के बिना आभूषण खरीदना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। फर्जी हॉलमार्किंग के जरिए ठगी होने पर कारोबारियों को धन की हानि के साथ बाजार में अपनी साख पर भी असर पड़ सकता है। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कारोबारियों से अपील की है कि वे दूसरे ज्वेलर्स या एजेंटों से आभूषण खरीदते समय उनकी शुद्धता, हॉलमार्क और HUID की प्रामाणिकता की जांच जरूर करें। केवल आभूषण पर बना हॉलमार्क देखकर खरीद का फैसला न करें।
BIS से HUID सत्यापन और शुद्धता की जांच जरूरी
कारोबारियों को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के आधिकारिक माध्यम से आभूषण पर दर्ज HUID का सत्यापन करना चाहिए। किसी आभूषण की शुद्धता को लेकर संदेह होने पर अधिकृत केंद्र से उसकी जांच कराना भी जरूरी है। खरीद-बिक्री के बिल, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए। संदिग्ध लेनदेन में ये दस्तावेज जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं। अनजान एजेंटों से आभूषण खरीदते समय विक्रेता की पहचान और लेनदेन का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना चाहिए।
त्योहारों के दौरान कारोबारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सावधानी यही है कि वे आभूषण खरीदने से पहले उनकी शुद्धता की जांच कराएं, HUID सत्यापित करें और सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें। इससे संभावित आर्थिक नुकसान से बचने के साथ सराफा बाजार में कारोबारियों और ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने में मदद मिलेगी।


