बर्रा के बरी गांव में KDA की कार्रवाई, करीब 3,000 वर्गमीटर जमीन से बाउंड्रीवाल और पक्के-कच्चे निर्माण हटाए, हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद पुलिस बल के साथ पहुंचा दस्ता
कानपुर। बर्रा के बरी गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शनिवार सुबह कार्रवाई की। प्राधिकरण के जोन-3 के दस्ते ने पुलिस, PAC और महिला पुलिस बल की मौजूदगी में आराजी संख्या 314 पर बने कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल और परिसर में किए गए पक्के-कच्चे निर्माण को हटाया। KDA के अनुसार करीब 3,000 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी की ओर से बाउंड्रीवाल और कमरे आदि बनाए गए थे। कार्रवाई के बाद प्राधिकरण ने जमीन पर कब्जा लेने की बात कही है। सुबह करीब छह बजे KDA की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले बाउंड्रीवाल हटाई गई और इसके बाद जमीन पर बने पक्के और कच्चे निर्माण गिराए गए। कार्रवाई के दौरान ACP स्तर के अधिकारी समेत पुलिस बल मौजूद रहा।
नोटिस के बाद भी खाली नहीं हुई जमीन
KDA के जोन-3 भूमि बैंक अनुभाग के प्रभारी सत शुक्ला के मुताबिक आराजी संख्या 314 पर मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी की ओर से बाउंड्रीवाल और कमरों का निर्माण कराया गया था। प्राधिकरण की ओर से उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 26(क)(4) के तहत नोटिस जारी किया गया था। KDA का कहना है कि संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के साथ जमीन खाली करने के लिए कई बार पत्र भी दिए गए, लेकिन निर्धारित समय में जमीन खाली नहीं की गई। इसके बाद पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा गया।
हाई कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
प्राधिकरण के अनुसार कार्रवाई के खिलाफ मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी हाई कोर्ट गई थी। KDA का कहना है कि कमेटी की याचिका खारिज हो गई। इसके बाद भी जमीन खाली नहीं की गई। कई माह तक स्थिति में बदलाव नहीं होने पर प्राधिकरण ने पुलिस बल की मांग की और शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। KDA अधिकारियों के मुताबिक 14 अगस्त 2026 को अपर पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कानपुर नगर को पत्र भेजकर कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।
कब्रों को हटाने से KDA का इनकार
कार्रवाई को लेकर KDA ने स्पष्ट किया कि उसका लक्ष्य कब्रों को हटाना नहीं था। जोन-3 के प्रभारी सत शुक्ला के मुताबिक कार्रवाई के दौरान जमीन की ऊपरी मिट्टी हटाई गई है, लेकिन अंदर मौजूद कब्रों को नहीं हटाया गया। प्राधिकरण का कहना है कि सरकारी जमीन पर किए गए निर्माण और बाउंड्रीवाल को हटाकर जमीन पर कब्जा लिया गया है। मौके पर मौजूद मुस्लिम पक्ष ने कार्रवाई पर आपत्ति जताई। संबंधित लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से कब्रिस्तान है और लोगों को दफनाया जाता रहा है। पक्ष की ओर से आगे कानूनी विकल्प अपनाने की बात कही गई है।
अब बाउंड्रीवाल और ग्रीन बेल्ट बनाने की तैयारी
KDA के मुताबिक कार्रवाई के बाद सरकारी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया गया है। प्राधिकरण की योजना इस जमीन की बाउंड्रीवाल कराने की है। अधिकारियों के अनुसार आगे यहां ग्रीन बेल्ट या पार्क विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण का कहना है कि कार्रवाई भूमि अभिलेखों, जारी नोटिस, संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर और न्यायिक प्रक्रिया के बाद की गई है। KDA के मुताबिक आराजी संख्या 314 के सरकारी हिस्से को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद अब उसे सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित किया जाएगा।


