- हस्तकला प्रदर्शनी में छात्राओं ने दिखाई रचनात्मकता; उत्पादों से प्रभावित उपायुक्त उद्योग ने बड़े शहरों की प्रदर्शनियों में स्टॉल का अवसर देने की पेशकश की
भारत 19
कानपुर। कानपुर की छात्राओं के हुनर को अब बड़े बाजार का मंच मिलने जा रहा है। आचार्य नरेंद्र देव नगर निगम महिला महाविद्यालय में लगी हस्तकला एवं उपयोगी उत्पादों की प्रदर्शनी में छात्राओं ने अपने हाथों से तैयार आकर्षक उत्पादों की श्रृंखला सजाई। छात्राओं की रचनात्मकता और उत्पादों की गुणवत्ता से प्रभावित उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने उन्हें दिल्ली और लखनऊ में होने वाली बड़ी हस्तकला प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने का अवसर देने की पेशकश की। समाजशास्त्र एवं गृह विज्ञान विभाग के साथ नवाचार समिति द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्देश्य नवाचार एवं महिला उद्यमिता सृजन के लिए प्रतिभाशाली छात्राओं को मंच देना और उनको आत्मनिर्भरता से जोड़ना रहा।

हस्तनिर्मित उत्पादों में दिखी छात्राओं की रचनात्मकता
प्रदर्शनी में छात्राओं ने कृत्रिम पुष्प, उपहार के लिफाफे, कपड़े की पोटलियां, पर्स, पाउच और ऊन से बनी वस्तुओं समेत कई सजावटी और उपयोगी उत्पाद प्रदर्शित किए। उपलब्ध संसाधनों का रचनात्मक इस्तेमाल कर तैयार किए गए इन उत्पादों में छात्राओं की कल्पनाशीलता और कौशल नजर आया। प्रदर्शनी ने छात्राओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता, आकर्षक पैकेजिंग और संभावित बाजार को समझने का अवसर भी दिया। इससे उन्हें यह जानने का मौका मिला कि हस्तनिर्मित वस्तुओं को बाजार की जरूरत के अनुरूप किस तरह तैयार और प्रस्तुत किया जा सकता है।

छात्राओं के उत्पादों से प्रभावित हुए उपायुक्त उद्योग
उपायुक्त उद्योग अंजनीश प्रताप सिंह ने प्रदर्शनी में छात्राओं के स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने उत्पादों को देखा और उन्हें तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में छात्राओं से जानकारी ली। उत्पादों की सराहना करते हुए उन्होंने छात्राओं को दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में आयोजित होने वाली हस्तकला प्रदर्शनियों में भाग लेने का अवसर देने की बात कही। उनका जोर इस बात पर रहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को बड़े मंच उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपने हुनर को व्यापक पहचान दिला सकें। बड़े शहरों की प्रदर्शनियों में भागीदारी से छात्राओं को अपने उत्पादों को नए ग्राहकों तक पहुंचाने और हस्तकला को स्वरोजगार के अवसर में बदलने का रास्ता मिल सकता है।

उद्योग विभाग ने बांटे प्रमाण पत्र
प्रदर्शनी में शामिल छात्राओं को उद्योग विभाग की ओर से प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इससे उनके रचनात्मक प्रयासों को प्रोत्साहन मिला। प्रदर्शनी के साथ हस्तकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें प्रथम पुरस्कार यशांशी निगम को मिला। द्वितीय पुरस्कार वैष्णवी शुक्ला, गरिमा और अनुष्का शुक्ला को दिया गया। वहीं तृतीय पुरस्कार पूजा गौतम, कविता गुप्ता, माही कुरिल और कशिश गुप्ता को मिला।
हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का प्रयास
आयोजकों के मुताबिक प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्राओं में सिर्फ हस्तकला का कौशल विकसित करना नहीं, बल्कि उसे उद्यमिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ना भी है। उत्पाद तैयार करने से लेकर उनकी प्रस्तुति और संभावित बाजार की समझ तक छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव मिला। कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अर्चना सक्सेना, चीफ प्रॉक्टर प्रो. नीलम चौहान और नवाचार प्रभारी प्रो. अंजू रानी के अलावा प्रो. हितैषी सिंह, प्रो. डॉ. भारती पांडेय, डॉ. अर्चना आनंद, डॉ. शिखा वर्मा, डॉ. प्रियंका सिंह और डॉ. सुप्रिया पांडेय समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


