- 14 अक्टूबर को भारत मंडपम में अभियान का अनावरण; करीब 8,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने का लक्ष्य, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, ड्रोन और क्वांटम तकनीक समेत सात क्षेत्रों पर फोकस
भारत 19/ कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर अपने शोध, तकनीकी नवाचार और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर संसाधन जुटाने की तैयारी में है। संस्थान के महत्वाकांक्षी फंडरेजिंग अभियान का अनावरण 14 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस पहल के तहत IIT कानपुर ने 1 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा है। संस्थान के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल के मुताबिक, लक्ष्य की करीब आधी राशि जुटाई जा चुकी है और शेष राशि अगले ढाई साल में जुटाने की योजना है।
सात रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की तैयारी
IIT कानपुर की इस पहल में सात प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इनमें साइबर सुरक्षा, मेडिकल टेक्नोलॉजी (मेडटेक), सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता, सेमीकंडक्टर, ड्रोन और क्वांटम टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अनुसंधान, तकनीकी विकास और नई परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने पर जोर रहेगा। अभियान के जरिए संस्थान उद्योग जगत, पूर्व छात्रों, कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) और अन्य संभावित दानदाताओं से सहयोग हासिल करना चाहता है।
सरकारी फंडिंग से आगे संसाधन जुटाने की जरूरत
संस्थान के निदेशक के मुताबिक, सरकारी सहायता से नियमित वेतन और रखरखाव जैसी जरूरतें पूरी होती हैं, लेकिन नई शोध परियोजनाओं, प्रतिभाशाली विशेषज्ञों की नियुक्ति और अत्याधुनिक शोध सुविधाओं के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत है। इसी कारण IIT कानपुर ने बड़े स्तर पर फंड जुटाने की रणनीति तैयार की है। संस्थान पूर्व छात्रों और उद्योग जगत से संपर्क कर रहा है। भारत और अमेरिका में मौजूद पूर्व छात्र नेटवर्क से भी सहयोग मिलने की उम्मीद है।
तीन हजार अतिरिक्त हॉस्टल बेड की भी जरूरत
IIT कानपुर के सामने केवल शोध और तकनीक का विस्तार ही नहीं, बल्कि परिसर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की चुनौती भी है। निदेशक के अनुसार, संस्थान को कम से कम 3,000 अतिरिक्त हॉस्टल बेड की जरूरत है। इसके साथ नए अकादमिक भवन बनाने और पुराने भवनों के नवीनीकरण की योजना भी अहम है। संस्थान की कई इमारतें छह दशक से अधिक पुरानी हैं और उन्हें आधुनिक शोध जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की आवश्यकता है।
रक्षा और स्वदेशी तकनीक पर भी रहेगा जोर
साइबर सुरक्षा, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर जोर भारत की रणनीतिक और तकनीकी क्षमताओं के विकास से भी जुड़ा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में अभियान का अनावरण ऐसे समय हो रहा है, जब देश में स्वदेशी तकनीक, अनुसंधान और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, अभियान के तहत अलग-अलग क्षेत्रों के लिए कितनी राशि निर्धारित होगी और कौन-सी नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, इसका विस्तृत ब्योरा सामने आना बाकी है।
IIT कानपुर का यह अभियान संस्थान की दीर्घकालिक विकास योजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर 14 अक्टूबर को होने वाले अनावरण समारोह पर रहेगी, जहां अभियान के वित्तीय लक्ष्य, सहयोग जुटाने की रणनीति और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।


