- IRGC का दूसरे अमेरिकी स्वायत्त अंडरवॉटर वाहन को पकड़ने का दावा, अमेरिका ने इनकार किया; होर्मुज खोलने को लेकर दोनों देशों में शर्तों पर कायम गतिरोध
Bharat 19/ ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका के खिलाफ अपना सख्त रुख दोहराया है। IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेब्बी ने 27 सितंबर को दावा किया कि ईरानी बलों ने होर्मुज में एक अमेरिकी स्वायत्त अंडरवॉटर वाहन (AUV) पकड़ा है। उन्होंने कहा कि होर्मुज अमेरिका के लिए खुला समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि अमेरिकी अंडरवॉटर वाहनों के लिए “हंटिंग ग्राउंड” बन गया है। IRGC के मुताबिक यह वाहन Mk 18 Mod 2 Kingfish है। ईरानी पक्ष ने इसे पहले बताए गए REMUS 600 सिस्टम से जोड़ते हुए दावा किया कि यह सोनार और सटीक नेविगेशन क्षमता वाला स्वायत्त अंडरवॉटर वाहन है। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने इस वाहन के ईरान द्वारा कब्जे में लिए जाने के दावे को स्वीकार नहीं किया है।
अमेरिकी अंडरवॉटर वाहन पर दूसरा दावा
यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी अंडरवॉटर सिस्टम को अपने कब्जे में लेने का दावा किया है। सितंबर की शुरुआत में IRGC ने Dive-LD नाम के एक अमेरिकी स्वायत्त अंडरवॉटर वाहन को पकड़ने की बात कही थी। यह वाहन अमेरिकी रक्षा कंपनी Anduril का बनाया हुआ है और समुद्री निगरानी, समुद्र तल की मैपिंग तथा माइन-काउंटरमेजर्स जैसे अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। उस समय भी अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरान के कब्जे के दावे को स्वीकार नहीं किया था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक वह वाहन खराब हो गया था और उसे क्षेत्रीय जल की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। अमेरिकी पक्ष ने यह भी कहा था कि वह पुराना मॉडल था और उसमें संवेदनशील या वर्गीकृत डेटा मौजूद नहीं था। Reuters ने उस समय ईरान के कब्जे के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की थी।
अमेरिका ने दूसरे ड्रोन के दावे को नकारा
27 सितंबर के ताजा दावे पर अमेरिकी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के पास अपने सभी परिचालन ड्रोन एसेट्स पर “positive control” है। अमेरिकी पक्ष ने ईरान द्वारा दूसरे अंडरवॉटर वाहन को पकड़ने के दावे को खारिज किया है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना अधिक सटीक है कि IRGC ने अमेरिकी AUV को पकड़ने का दावा किया है, जबकि अमेरिका इससे इनकार कर रहा है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
होर्मुज खोलने को लेकर बढ़ा गतिरोध
अमेरिकी अंडरवॉटर वाहन को लेकर यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में गतिरोध बना हुआ है। ईरान ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि अगर अमेरिकी सैन्य दबाव कम किया जाए और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी हटाई जाए तो वह सात दिनों के भीतर होर्मुज को खोल सकता है। अमेरिका ने ईरान की शर्तों वाले प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि जलडमरूमध्य को खोलने का फैसला ईरान की शर्तों और बातचीत की प्रगति पर निर्भर करेगा। दूसरी ओर अमेरिका सामान्य और सुरक्षित नौवहन बहाल करने पर जोर दे रहा है।
होर्मुज क्यों है रणनीतिक समुद्री मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के महत्वपूर्ण तेल और गैस निर्यात मार्गों में इसकी गिनती होती है। इसलिए यहां लंबे समय तक समुद्री यातायात बाधित होने का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। ईरान के लिए होर्मुज सैन्य और आर्थिक दबाव का महत्वपूर्ण केंद्र है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खुला रखने की मांग करते रहे हैं। मौजूदा तनाव में यह जलडमरूमध्य दोनों पक्षों के बीच सैन्य दबाव और कूटनीतिक बातचीत का प्रमुख मुद्दा बन गया है।
अंडरवॉटर ड्रोन क्यों अहम हैं
स्वायत्त अंडरवॉटर वाहन समुद्र के भीतर निगरानी, मैपिंग, माइन की पहचान और समुद्र तल से जुड़ी जानकारी जुटाने जैसे काम कर सकते हैं। ऐसे सिस्टम में चालक दल नहीं होता, इसलिए इन्हें जोखिम वाले समुद्री क्षेत्रों में भेजना मानवयुक्त पनडुब्बियों की तुलना में अलग तरह की सैन्य क्षमता उपलब्ध कराता है। होर्मुज जैसे रणनीतिक और अपेक्षाकृत संकरे जलक्षेत्र में इन वाहनों की मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां समुद्री यातायात, सैन्य गतिविधियां और निगरानी अभियान एक-दूसरे के बेहद करीब संचालित होते हैं।
ईरान-अमेरिका टकराव का नया समुद्री मोर्चा
IRGC का ताजा बयान बताता है कि होर्मुज को लेकर तनाव केवल जलडमरूमध्य खोलने या बंद रखने तक सीमित नहीं है। समुद्र के भीतर निगरानी और मानवरहित प्रणालियों की गतिविधियां भी दोनों पक्षों के बीच टकराव का हिस्सा बन रही हैं। फिलहाल दो बातें अलग-अलग रखना जरूरी है, IRGC का दावा कि उसने अमेरिकी AUV पकड़ा है और अमेरिका का इससे इनकार किया है।


