- यूपी चुनाव से पहले इस्तीफा देकर अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा में शामिल हुए आंवला के पूर्व सांसद, राज्यसभा के लिए भाजपा के टिकट घोषित होने के बाद सोशल मीडिया में पार्टी छोड़ने का दिया था संदेश
भारत 19/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी को एक और राजनीतिक झटका लगा है। आंवला से दो बार सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप ने बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। रविवार को लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कश्यप के पार्टी छोड़ने के संकेत उनकी ‘टाटा-बाय-बाय’ सोशल मीडिया पोस्ट के बाद ही मिलने लगे थे। अब उनके सपा में आने से बरेली और आंवला क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
राज्यसभा की सूची के बाद बढ़ी थी नाराजगी
धर्मेंद्र कश्यप की नाराजगी उस समय सामने आई, जब बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी की और उसमें उनका नाम नहीं था। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर समुद्र किनारे सूर्यास्त की तस्वीर के साथ ‘टाटा-बाय-बाय’ लिखा। इस पोस्ट ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज कर दी थीं। इसके बाद कश्यप ने बीजेपी छोड़ने का फैसला सार्वजनिक किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने खिलाफ काम करने वाले पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से भी नाराज थे। कश्यप ने इसे पार्टी में अपनी उपेक्षा से जोड़कर देखा था।
अखिलेश से मुलाकात में पीडीए आंदोलन पर चर्चा
रविवार को लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र कश्यप की बेटी कीर्ति कश्यप भी मौजूद थीं। सपा प्रमुख ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। अखिलेश ने इसे ‘मित्राचार भेंट’ बताते हुए कहा कि आंवला से दो बार सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप के साथ पीडीए आंदोलन को अधिक समर्थ, सशक्त और सक्रिय बनाने के लिए संयुक्त प्रयासों पर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान बरेली के सपा जिलाध्यक्ष शुबलेश यादव और वरिष्ठ नेता वीरपाल सिंह यादव की मौजूदगी भी रही। इस मुलाकात के बाद कश्यप के सपा में आने की अटकलों पर विराम लगा और उनके पार्टी में शामिल होने की खबर सामने आई।
आंवला में दो बार सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप
धर्मेंद्र कश्यप ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर आंवला सीट से जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नीरज मौर्य से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले कश्यप समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से भी जुड़े रहे हैं। वह मई 2013 में बीजेपी में शामिल हुए थे।
बेटी कीर्ति कश्यप के चुनाव लड़ने की भी चर्चा
धर्मेंद्र कश्यप के सपा में शामिल होने के साथ उनकी बेटी कीर्ति कश्यप की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि धर्मेंद्र कश्यप उन्हें सपा के टिकट पर चुनाव लड़ाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित राजनीतिक समीकरण के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। धर्मेंद्र कश्यप का बीजेपी छोड़कर सपा में जाना 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बरेली और आंवला क्षेत्र की राजनीति में एक नया घटनाक्रम है। आने वाले समय में उनकी भूमिका और सपा संगठन में संभावित जिम्मेदारी पर नजर रहेगी।


