- CSJMU की कार्यशाला में 300 विद्यार्थियों को AI के व्यावहारिक उपयोग, करियर और स्टार्टअप संभावनाओं की जानकारी; 24 अक्टूबर से शुरू होगा विशेष Artificial Intelligence Course
भारत 19/ कन्नौज। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI अब केवल ChatGPT से सवाल पूछने तक सीमित तकनीक नहीं रह गई है। उद्योग, शोध, शिक्षा और कारोबार में इसके बढ़ते इस्तेमाल ने विद्यार्थियों के सामने करियर और उद्यमिता के नए अवसर भी खोले हैं। इसी बदलती जरूरत को समझाने के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), कानपुर के नवाचार प्रकोष्ठ के तहत मां भगवती महाविद्यालय, छिबरामऊ में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें करीब 300 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
पढ़ाई के साथ AI की समझ क्यों जरूरी
कार्यशाला में CSJM Innovation Foundation (CSJMIF) के प्रोग्राम ऑपरेशन मैनेजर प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को AI के बदलते स्वरूप और उसके व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में केवल पारंपरिक अकादमिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को AI, नई तकनीकों, समस्या समाधान, रचनात्मक सोच और तकनीक के व्यावहारिक उपयोग की समझ भी विकसित करनी होगी।
उन्होंने बताया कि AI का इस्तेमाल सिर्फ जानकारी जुटाने के लिए नहीं, बल्कि सीखने, शोध, नए विचार विकसित करने और समस्याओं के समाधान में भी किया जा सकता है। शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, कृषि, डेटा विश्लेषण, ऑटोमेशन और कारोबार जैसे क्षेत्रों में AI की बढ़ती भूमिका से भी विद्यार्थियों को परिचित कराया गया।
24 अक्टूबर से शुरू होगा AI कोर्स
प्रभाकर सिंह ने CSJMIF और MSTA के सहयोग से 24 अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष Artificial Intelligence Course की जानकारी भी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से AI को केवल एक तकनीकी टूल के तौर पर देखने के बजाय इसे अपनी पढ़ाई, करियर और भविष्य के व्यावसायिक अवसरों से जोड़ने का आह्वान किया।
आइडिया को स्टार्टअप में बदलने का रास्ता
CSJM Innovation Foundation के इनोवेशन ऑफिसर शैलेंद्र यादव ने विश्वविद्यालय के स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि CSJMIF विद्यार्थियों और युवा नवप्रवर्तकों को इनक्यूबेशन, मेंटरशिप और मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है, ताकि उनके विचारों को आगे बढ़ाकर स्टार्टअप के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने Financial Literacy और Artificial Intelligence से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की भी जानकारी दी। शैलेंद्र यादव ने कहा कि अकादमिक शिक्षा के साथ वित्तीय साक्षरता, डिजिटल दक्षता और उद्यमशीलता की समझ विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।
AI से जुड़े सवालों पर विद्यार्थियों ने की चर्चा
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने AI के इस्तेमाल, करियर विकल्पों, स्टार्टअप और उद्योग में इसकी भूमिका से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए तकनीक को व्यावहारिक तरीके से समझने और सीखने पर जोर दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रबंधक सचिन दुबे और प्राचार्य डॉ. केके सिंह समेत शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यशाला का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को AI की संभावनाओं से परिचित कराने के साथ उन्हें बदलती इंडस्ट्री की जरूरतों और भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करना रहा।


