- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, राजधानी में 20 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास बंद, कई ट्रेनें रद्द; SIR विवाद पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
भारत 19/ नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले शनिवार को दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है, जबकि CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। राजधानी में 20 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों की तैनाती की गई है। मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों, यातायात मार्गों में बदलाव और रेल सेवाओं में व्यवधान से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर कड़ी निगरानी
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करते हुए कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला दिया है। पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना जरूरी है, जबकि CJP ने 7 अक्टूबर को आवेदन किया था। पुलिस ने जुलाई में हुए पिछले प्रदर्शन के दौरान दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाने और संभावित भीड़ की आवाजाही पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली-नोएडा सीमा समेत प्रमुख प्रवेश मार्गों पर जांच बढ़ाई गई है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास ड्रोन से निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की भी रिपोर्ट है।
45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास बंद
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार शाम 6 बजे तक 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने की घोषणा की है। यह फैसला पहले घोषित व्यापक प्रतिबंधों में संशोधन के बाद लिया गया। प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा अधिकांश जगह जारी रहने की जानकारी दी गई है, जबकि नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर यह सुविधा भी प्रभावित है। केंद्रीय दिल्ली के प्रमुख इलाकों में यातायात को नियंत्रित करने के लिए 30 स्थानों पर मार्ग परिवर्तन की व्यवस्था की गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और निकलने से पहले यातायात संबंधी अपडेट देखने की सलाह दी है।
दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें रद्द
उत्तर रेलवे और अन्य संबंधित रेल मंडलों ने 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने-जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द या पुनर्निर्धारित किया है। रिपोर्टों के अनुसार, सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच आने-जाने वाली अनेक मेल और एक्सप्रेस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच चलने वाली करीब दो दर्जन ट्रेनों के रद्द होने की भी खबर है। रेलवे ने इन सेवाओं में बदलाव के लिए स्टेशनों के आसपास संभावित भारी यातायात और जाम की आशंका का हवाला दिया है। इसलिए सभी रद्द ट्रेनों को सीधे प्रदर्शन के कारण रद्द किया जाना कहना सही नहीं होगा। यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति NTES ऐप, रेलवे हेल्पलाइन 139 या आधिकारिक रेलवे सूचना माध्यमों से जांचनी चाहिए।
मध्य दिल्ली में मोबाइल इंटरनेट पर अस्थायी रोक
दिल्ली पुलिस के आदेश के अनुसार, कर्तव्य पथ और जनपथ चौराहे के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक रोक लगाई गई है। आदेश के दायरे में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और मध्य दिल्ली के कई इलाके शामिल हैं। इस प्रतिबंध का असर डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और मोबाइल इंटरनेट पर निर्भर कामकाज पर पड़ सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी प्रदर्शन के मद्देनजर अलग-अलग मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की चेतावनी जारी की है।
SIR विवाद पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
CJP और AISA का प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर है। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना चाहिए। विपक्षी दलों ने भी मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में पक्षपात और अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया है। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा तैयारियों के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है
सुप्रीम कोर्ट ने व्यापक पाबंदियों पर जताई चिंता
मेट्रो और रेल सेवाओं पर व्यापक प्रतिबंधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस से सार्वजनिक परिवहन पर लगाई गई पाबंदियों की समीक्षा करने को कहा। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपाय आम यात्रियों के लिए जरूरत से ज्यादा परेशानी पैदा करने वाले नहीं होने चाहिए। अदालत की टिप्पणी के बाद मेट्रो स्टेशनों की बंदी की सूची 57 से घटाकर 45 कर दी गई। सार्वजनिक परिवहन और नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंधों को लेकर यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है।
प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
10 अक्टूबर की सुबह तक उपलब्ध रिपोर्टों में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से इनकार, राजधानी में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों की पुष्टि हुई है। CJP ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। दिनभर में प्रदर्शनकारियों की वास्तविक संख्या, हिरासत की कुल संख्या और पुलिस की आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक अपडेट का इंतजार रहेगा।


