- मौखिक प्रस्तुति में मिला पहला पुरस्कार, अनुराग जायसवाल ने पोस्टर प्रेजेंटेशन में हासिल किया पांचवां स्थान; यूपीयूएमएस के आठ विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सा
भारत 19/ इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के फार्मेसी शोधार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। शोधार्थी लकी पचौरी ने मौखिक प्रस्तुति में प्रथम पुरस्कार हासिल किया, जबकि अनुराग जायसवाल ने पोस्टर प्रस्तुति में पांचवां स्थान प्राप्त किया। दोनों विद्यार्थियों की उपलब्धि से विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ फार्मेसी में उत्साह है।
राष्ट्रीय सेमिनार में आठ विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू), लखनऊ के प्रायोजन में 9 और 10 अक्टूबर को आगरा पब्लिक कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें यूपीयूएमएस, सैफई के स्नातकोत्तर स्तर के आठ विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। सेमिनार में विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं ने फार्मास्यूटिकल विज्ञान तथा स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार की संभावनाओं पर अपने विचार और शोध प्रस्तुत किए।
फार्मास्यूटिकल नवाचार और आधुनिक उपचार पर चर्चा
सेमिनार का विषय ‘Revolutionizing Healthcare via Pharmaceutical Innovation: Smart Technologies, Advanced Therapeutics & Future Horizons’ था। स्मार्ट तकनीकों, उन्नत उपचार पद्धतियों, फार्मास्यूटिकल नवाचार और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विषयों पर मंथन हुआ। प्रतिभागियों ने शोध और प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों की उपयोगिता तथा संभावनाओं को सामने रखा।
लकी पचौरी को मौखिक प्रस्तुति में प्रथम स्थान
यूपीयूएमएस के शोधार्थी लकी पचौरी ने एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार के मार्गदर्शन में मौखिक प्रस्तुति दी। उनके प्रदर्शन को सराहते हुए निर्णायकों ने उन्हें प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। वहीं, अनुराग जायसवाल ने असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुशांत कुमार के निर्देशन में पोस्टर प्रस्तुति दी और पांचवां स्थान हासिल किया।
कुलपति ने विद्यार्थियों को दी बधाई
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों सहित सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए शोध और नवाचार की गतिविधियों में निरंतर सक्रिय रहने, नए विचार विकसित करने तथा फार्मास्यूटिकल विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय सेमिनार में मिली यह सफलता विद्यार्थियों के शोध कौशल और अकादमिक गतिविधियों में भागीदारी को रेखांकित करती है। विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ फार्मेसी के विद्यार्थियों की उपलब्धि से संस्थान में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।


