- कानपुर में आठ संगठनात्मक जिलों से लिया जमीनी फीडबैक; 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान को बूथ तक पहुंचाने के निर्देश, सोशल मीडिया पर विपक्ष के नेरेटिव का तथ्यों और प्रमाणों से जवाब देने की रणनीति
भारत 19
कानपुर। 2024 में कानपुर-बुंदेलखंड की छह लोकसभा सीटें गंवाने के बाद भाजपा ने 2027 की तैयारी में संगठन की कमजोर कड़ियों पर काम शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने कानपुर में आठ संगठनात्मक जिलों के पदाधिकारियों से बूथ की स्थिति का फीडबैक लिया और मंडल से शक्ति केंद्र तक संगठनात्मक प्रवास बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं सोशल मीडिया संयोजकों से विपक्ष के नेरेटिव का तथ्यों के साथ जवाब देने को कहा। यानी चुनावी तैयारी का पहला फोकस बूथ और दूसरा मोर्चा डिजिटल नैरेटिव है।
बूथ की सक्रियता पर सीधे लिया फीडबैक
क्षेत्र, प्रदेश, जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ संवाद में संतोष ने बूथ समितियों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी ली। जिला पदाधिकारियों को मंडलों और मंडल पदाधिकारियों को शक्ति केंद्रों तक नियमित प्रवास करने के निर्देश दिए। केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के अभियानों को बूथ तक पहुंचाने के साथ कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद रखने पर भी जोर रहा। संदेश साफ था कि संगठन की सक्रियता केवल बैठकों और कागजी तैयारियों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर बूथ और जनता के बीच दिखाई दे। संतोष ने संगठन के हर स्तर के पदाधिकारी को अपने से नीचे के ढांचे से सीधे जुड़ने को कहा। जिला स्तर के पदाधिकारी मंडलों और मंडल स्तर के पदाधिकारी शक्ति केंद्रों तक पहुंचेंगे। इसका मकसद केवल संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी नहीं, बल्कि बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद कर स्थानीय स्थिति और उनकी जरूरतों को समझना भी है।
सेवा संकल्प अभियान बनेगा जनसंपर्क का माध्यम
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान, जनसेवा ही प्रभु सेवा’ को भी संगठनात्मक सक्रियता से जोड़ा गया है। संतोष ने अभियान को केवल भाजपा कार्यकर्ताओं तक सीमित रखने के बजाय समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। हर मंडल में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने, जिम्मेदारियां तय करने और बूथवार क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। एक महीने का अभियान कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में सक्रिय रखने के साथ जनता से सीधा संपर्क बढ़ाने का माध्यम बनेगा। बैठक में कानपुर क्लस्टर के आठ संगठनात्मक जिलों के पदाधिकारियों से संगठन की स्थिति का फीडबैक लिया गया। इनमें कानपुर उत्तर, कानपुर दक्षिण, कानपुर ग्रामीण, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज और फर्रुखाबाद शामिल हैं। बूथ समितियों की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठनात्मक प्रवास और आगामी अभियानों की तैयारियों पर जानकारी ली गई। मंडल अध्यक्षों से शक्ति केंद्रों की गतिविधियों का भी ब्योरा लिया गया।
सोशल मीडिया पर भी संगठन की सीधी नजर
सोशल मीडिया संयोजकों के साथ संवाद में संतोष ने डिजिटल प्लेटफॉर्म को आगामी राजनीतिक तैयारी का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष किस मुद्दे पर क्या नेरेटिव बना रहा है और जनता के बीच किन मुद्दों को लेकर भ्रम पैदा किया जा रहा है, इस पर नजर रखें। उन्होंने सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं से विपक्ष के दावों और नेरेटिव का जवाब तथ्यों और प्रमाणों के साथ देने को कहा। सरकार की उपलब्धियों को आंकड़ों, स्थानीय विकास कार्यों और योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की कहानियां जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया। सोशल मीडिया नेटवर्क को विधानसभा से मंडल और मंडल से बूथ स्तर तक मजबूत करने की जरूरत बताई। संगठन के अभियानों और सरकार की उपलब्धियों को स्थानीय मुद्दों और स्थानीय भाषा से जोड़कर जनता तक पहुंचाने पर जोर रहा। सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को केवल सामग्री प्रसारित करने वाला नहीं, बल्कि जनता और संगठन के बीच डिजिटल संवाद का सेतु बनाने का संदेश दिया गया।

2027 की तैयारी में दोहरी रणनीति
कानपुर की दोनों बैठकों से भाजपा की आगामी चुनावी तैयारी का फोकस सामने आता है। एक तरफ बूथ समितियों और कार्यकर्ताओं की जमीनी सक्रियता बढ़ाने की कवायद है, तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर पार्टी के पक्ष में तथ्यपरक संवाद तैयार करने की रणनीति। सेवा संकल्प अभियान को भी इसी व्यापक संगठनात्मक तैयारी से जोड़ा गया है। मैदान में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय संवाद—दोनों को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता बन रहा है।
बैठक की अध्यक्षता भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू ने की। संचालन क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नीतू सिंह ने किया। बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, प्रदेश महामंत्री एवं कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र प्रभारी शंकर लाल लोधी, पिछड़ा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, अनुसूचित मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अशोक रावत, आदित्य त्रिवेदी, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी समेत क्षेत्रीय पदाधिकारी, संबंधित जिलाध्यक्ष, महामंत्री और आठों संगठनात्मक जिलों के मंडल अध्यक्ष मौजूद रहे। सोशल मीडिया संयोजकों के साथ संवाद का संचालन क्षेत्रीय मंत्री रीता कठेरिया ने किया।


